खान सर कोचिंग विवाद में नया मोड़: वायरल वीडियो के बाद गार्ड गिरफ्तार, जांच तेज
चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर 2 मई को हुए विवाद और कथित फायरिंग मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में अब ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से जारी एक वीडियो और पुलिस की हालिया कार्रवाई के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
ज्ञान बिंदु कोचिंग के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक वीडियो सार्वजनिक किया है, जिसमें दावा किया गया है कि घटना के दौरान हुई फायरिंग बाहरी हमलावरों की ओर से नहीं, बल्कि खान सर के सुरक्षा कर्मियों की ओर से की गई थी। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वीडियो जारी कर उठाए गए सवाल
ज्ञान बिंदु कोचिंग टीम के सदस्य आदर्श ने प्रेस वार्ता में कहा कि वीडियो फुटेज में उनके संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद कहीं दिखाई नहीं देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में रौशन आनंद की गिरफ्तारी किन आधारों पर की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सभी पक्षों की भूमिका की जांच की मांग की।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई
सोशल मीडिया पर फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस टीम खान सर के कोचिंग संस्थान पहुंची और वीडियो में हथियार के साथ दिखाई दे रहे दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके लाइसेंसी हथियारों को भी जब्त कर जांच के लिए भेजा है। मामले में एक नई एफआईआर दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में क्या दावा किया गया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान एक सुरक्षा गार्ड ने दावा किया कि उसने हवाई फायरिंग अपने स्तर पर नहीं बल्कि निर्देश मिलने के बाद की थी। हालांकि पुलिस ने इस कथित बयान की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं की है और जांच अभी जारी है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने मामले के सिलसिले में खान सर से भी पूछताछ की है। अब जांच का फोकस फायरिंग की परिस्थितियों, हथियारों के उपयोग और उस रात की घटनाओं के क्रम को स्पष्ट करने पर है।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन
दूसरी ओर ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने कोचिंग परिसर से कारगिल चौक तक मार्च निकाला और कैंडल मार्च के माध्यम से विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल ठोस सबूतों के आधार पर की जानी चाहिए। स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
दो मई की रात क्या हुआ था?
जानकारी के अनुसार 2 मई की रात करीब 10 बजे खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कुछ लोगों ने सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की, जिसके बाद परिसर के बाहर हंगामा बढ़ गया। इस दौरान पत्थरबाजी, पोस्टर-बैनर फाड़ने और कथित फायरिंग की घटनाएं भी सामने आईं।
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर सामने आने की उम्मीद है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें