50 करोड़ की गर्ल फ्रेंड विवाद सुर्खियों में,ललित मोदी के दावों से मची राजनीतिक हलचल
लंदन में 4 जून 2026 को ANI की एडिटर स्मिता प्रकाश को दिए गए एक विस्तृत पॉडकास्ट इंटरव्यू में पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने वर्ष 2010 के चर्चित कोच्चि IPL फ्रेंचाइजी विवाद को लेकर कई नए दावे किए हैं। उनके बयानों के बाद एक दशक से अधिक पुराने इस मामले पर फिर से राजनीतिक और खेल जगत में चर्चा शुरू हो गई है।
कोच्चि IPL टीम की शेयरहोल्डिंग पर उठाए सवाल
ललित मोदी ने दावा किया कि कोच्चि IPL फ्रेंचाइजी की शेयर संरचना की समीक्षा के दौरान उन्हें कुछ असामान्य बातें दिखाई दी थीं। उनके अनुसार, अधिकांश निवेशक पूंजी लगा रहे थे, जबकि सुनंदा पुष्कर को कथित तौर पर "स्वेट इक्विटी" के रूप में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी दी गई थी।
मोदी ने कहा कि जब उन्होंने इस हिस्सेदारी की प्रकृति और लाभार्थियों के बारे में जानकारी मांगनी शुरू की, तब उन्हें तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का फोन आया। मोदी का आरोप है कि उनसे मामले को आगे न बढ़ाने को कहा गया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और शशि थरूर की ओर से इस इंटरव्यू पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस नेतृत्व पर भी लगाए आरोप
पॉडकास्ट में ललित मोदी ने दावा किया कि कोच्चि फ्रेंचाइजी विवाद को लेकर उन पर तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व से भी दबाव बनाया गया था। उन्होंने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, दिवंगत वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का नाम लेते हुए कहा कि उनसे मामले को शांत करने के लिए संपर्क किया गया था।
इन आरोपों के समर्थन में मोदी ने कोई नया दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में भी इस विवाद को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हुए थे, जिसके बाद शशि थरूर को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था।
सुनंदा पुष्कर और 'स्वेट इक्विटी' विवाद
कोच्चि IPL विवाद का केंद्र सुनंदा पुष्कर को मिली कथित स्वेट इक्विटी रही थी। उस समय यह आरोप लगाया गया था कि उन्हें बिना प्रत्यक्ष निवेश के हिस्सेदारी दी गई थी। शशि थरूर ने उस दौर में कहा था कि वे केवल कुछ निवेशकों के हितों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और उनका उस हिस्सेदारी में कोई व्यक्तिगत आर्थिक हित नहीं था।
बाद में सुनंदा पुष्कर और शशि थरूर ने विवाह किया था, जिसके चलते उस समय यह मामला और अधिक सुर्खियों में रहा।
भारत छोड़ने को लेकर क्या बोले ललित मोदी?
अपने इंटरव्यू में ललित मोदी ने दावा किया कि कोच्चि विवाद के बाद विभिन्न सरकारी एजेंसियों की जांचों का सामना करना पड़ा और यही उनके भारत छोड़ने की प्रमुख वजहों में से एक था। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम का नाम लेते हुए भी आरोप लगाए।
गौरतलब है कि ललित मोदी पिछले कई वर्षों से भारत से बाहर रह रहे हैं और उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) सहित विभिन्न एजेंसियों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच होती रही है।
अपने ऊपर लगे आरोपों पर भी दिया जवाब
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे वित्तीय अनियमितताओं और धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों पर सवाल पूछा गया, तो ललित मोदी ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से बड़े कारोबारी समूह से जुड़ा रहा है और उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं। उन्होंने दावा किया कि उन पर लगाए गए कई आरोप राजनीतिक कारणों से लगाए गए।
विवाद फिर चर्चा में क्यों?
कोच्चि IPL फ्रेंचाइजी विवाद भारतीय क्रिकेट और राजनीति के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। वर्ष 2010 में इस मामले ने केंद्र सरकार, IPL प्रशासन और कई कारोबारी समूहों को कठघरे में खड़ा किया था। अब 16 वर्ष बाद ललित मोदी के नए दावों ने इस विवाद को एक बार फिर सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है।

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