हिंदी पत्रकारिता दिवस पर नेताओं ने कहा-"कहाँ खो रही है पत्रकारिता की गरिमा?"
आगरा। हिंदी पत्रकारिता की 200वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर ताज प्रेस क्लब में आयोजित वैचारिक संगोष्ठी उत्सव से ज्यादा आत्ममंथन और नेताओं के तीखे कटाक्षों का गवाह बनी। 'बदलती पत्रकारिता, बदलती जिम्मेदारी' विषय पर आयोजित इस भव्य समारोह में जहाँ एक ओर दो शताब्दियों के गौरवशाली सफर को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर मुख्य अतिथियों ने आज की पत्रकारिता की साख और उसके गिरते स्तर पर सीधे सवाल खड़े किए।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्र द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इससे पूर्व संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गिरिजा शंकर द्वारा किया गया।
"भीड़ में छिपे गैर पेशेवर लोगों को खुद बाहर करें पत्रकार संगठन" : प्रो. एसपी सिंह बघेल
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने पत्रकारिता के मौजूदा परिदृश्य पर गहरा कटाक्ष किया। उन्होंने इस क्षेत्र में बिना योग्यता और समझ के आ रहे अनभिज्ञ लोगों पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकार संगठनों को अब खुद आगे आना होगा और अपनी साख बचाने के लिए ऐसे तत्वों को खुद से दूर करना होगा।
सोशल मीडिया और प्रिंट की विश्वसनीयता की तुलना करते हुए उन्होंने चुटकी ली और कहा कि सोशल मीडिया भले ही शोर मचाने या प्रचार का एक तीव्र माध्यम बन चुका हो, लेकिन जब बात ऐतिहासिक और प्रामाणिक रिकॉर्ड की आती है, तो आज भी समाज को समाचार पत्रों पर ही भरोसा करना पड़ता है। उन्होंने राजनेताओं और पत्रकारों के बीच के खट्टे-मीठे और सहयोगात्मक रिश्तों को भी रेखांकित किया।
"समाज का दर्पण धुंधला हो रहा है, गिरावट रोकें" : योगेंद्र उपाध्याय
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने पत्रकारिता के गिरते स्तर पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के अन्य क्षेत्रों की तरह पत्रकारिता के स्तर में भी भारी गिरावट देखी जा रही है। उन्होंने पत्रकारों को आईना दिखाते हुए कहा:"चूंकि पत्रकार को समाज का दर्पण माना जाता है, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि पत्रकार अपने गौरवशाली अतीत को याद रखें और अपनी गरिमा को बनाए रखें।"
"गैर-पत्रकार समाज और पेशे दोनों के लिए घातक" : पुरुषोत्तम खंडेलवाल
विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने भी इस आत्ममंथन को आगे बढ़ाते हुए सीधे शब्दों में कहा कि पत्रकारों को अपने बीच सक्रिय उन 'गैर-पत्रकारों' को पहचानना और बेनकाब करना होगा, जो पत्रकारिता की आड़ में समाज और इस सम्मानित पेशे दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने इस सफाई अभियान में ताज प्रेस क्लब की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
विकास के लिए बढ़े हाथ: सहयोग की घोषणाएंp
मंच से मिले इन तीखे और व्यावहारिक सुझावों के बीच अतिथियों ने क्लब के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सहयोग का हाथ भी बढ़ाया:
केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने अपने पूर्व के आश्वासन को दोहराते हुए ताज प्रेस क्लब भवन में जल्द ही सोलर सिस्टम लगवाने की घोषणा की।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने ₹11,000 और दिल्ली से आए आगरा के मूल निवासी वरिष्ठ पत्रकार राकेश आर्य ने ₹51,000 की सहायता राशि देने का ऐलान किया।
वरिष्ठ पत्रकार नेविल स्मिथ ने क्लब की लाइब्रेरी के लिए एक अलमारी देने की घोषणा की।
200 वर्षों का सफर और वरिष्ठों का सम्मान
तीखी बहसों के बीच हिंदी पत्रकारिता के 200 साल के अप्रतिम योगदान को भी याद किया गया, जिसने देश की आजादी से लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि क्लब पत्रकारों के हितों और उनके पेशेवर सुधार के लिए हमेशा समर्पित रहेगा।
इस गरिमामयी अवसर पर दिल्ली, लखनऊ और जयपुर सहित देश भर से आए लगभग 100 वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले प्रमुख नामों में वरिष्ठ पत्रकार राज कुमार सिंह, डॉ. प्रतीक मिश्र, राकेश आर्य, आशु सक्सेना, सुभाष यादव, गोलेश स्वामी और अभिषेक मेहरोत्रा शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव विवेक कुमार जैन द्वारा किया गया और अंत में अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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