X की लोकेशन फीचर से बेनकाब हुआ भारत के खिलाफ वैश्विक सूचना युद्ध: विदेशी ठिकानों से चल रहे विभाजनकारी हैंडल्स!
अभी अभी 22 नवंबर को जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) ने अपनी नई लोकेशन डिटेल्स फीचर को #वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया, तो भारतीय सोशल मीडिया स्पेस में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
इस फीचर ने उन खातों की असली पहचान सामने ला दी, जो वर्षों से #भारतीय नागरिक होने का दिखावा करते हुए देश में सांप्रदायिक विभाजन, जातिगत भेदभाव और हिंदू-विरोधी प्रचार फैला रहे थे।
X की हेड ऑफ प्रोडक्ट, "निकिता बीयर" ने इस फीचर को "About this account" के नाम से पेश किया है। यह फीचर यूजर प्रोफाइल पर जॉइन डेट पर क्लिक करने से एक्टिवेट होता है और निम्न जानकारी प्रदान करता है-
●अकाउंट किस देश से ऑपरेट हो रहा है
●यूजरनेम कितनी बार बदला गया है
●अकाउंट कब बनाया गया था
●किस प्लेटफॉर्म से कनेक्टेड है ( Play Store, iOS App Store, आदि)
बीयर ने कहा: "जब आप X पर कुछ पढ़ते हैं, तो आपको इसकी प्रामाणिकता सत्यापित करने में सक्षम होना चाहिए। यह दुनिया में महत्वपूर्ण मुद्दों की नब्ज को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।"
X द्वारा लोकेशन डिटेल्स सुलभ करने के बाद, एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया कि बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक, हिंदू विरोधी और विभाजनकारी #जाति-आधारित हैंडल भारत से ऑपरेट ही नहीं हो रहे हैं, बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों से चलाए जा रहे हैं।
इनमें से लगभग सभी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार अपने यूजरनेम बदले हैं।
किसान आंदोलन के दौरान सबसे ज्यादा आवाज उठाने वाले अकाउंटस् में से एक Tractor2twitr नाम का अकाउंट, जो लुधियाना, पंजाब से होने का दावा करता था, वास्तव में पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था। इस हैंडल ने किसान आंदोलन के दौरान लगातार भारत-विरोधी सामग्री पोस्ट कर पंजाब में आंदोलन को भड़काने में सक्रिय भूमिका निभाई।
@haraappan हैंडल जो नियमित रूप से उत्तर बनाम दक्षिण विवाद को बढ़ावा देता था, जाति के बारे में बात करता था, और क्षेत्रीय विभाजन फैलाता था, वास्तव में बांग्लादेश से ऑपरेट हो रहा था।
2020 के दिल्ली दंगों के दौरान, दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 40 से अधिक #सोशल मीडिया अकाउंट्स को निलंबित करवाया था, जो हिंसा को भड़काने के लिए फर्जी तस्वीर वीडियो प्रसारित कर रहे थे। इनमें से कई अकाउंट उसी अवधि में बनाए गए थे। ये सभी ब्रॉडकास्ट संदेश भेज रहे थे और भीड़ जुटाने के लिए समूह बना रहे थे।
अब पता चला कि अधिकांश अकाउंट्स विदेशों से संचालित किए जा रहे थे।
2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान, ट्विटर के 1,178 अकाउंट्स #पाकिस्तान और अन्य देशों से संचालित हो रहे थे। कई तो स्वचालित बॉट्स थे जो किसान विरोध के नाम पर गलत सूचना और उत्तेजक सामग्री साझा करने और बढ़ाने के लिए उपयोग किए जा रहे थे।
X की नई लोकेशन फीचर से पता चला कि भारत के खिलाफ सूचना युद्ध में सिर्फ पाकिस्तान,बांग्लादेश ही नहीं बल्कि कई भारत-विरोधी अकाउंट्स वास्तव में अमेरिका और चीन से भी संचालित होते हैं।
जिनके द्वारा विभिन्न अभियानों के जरिए भारत के खिलाफ गलत सूचना फैलाई जाती है।
अमेरिकी खुफिया और राजनयिक एजेंसियां, NGO, थिंक-टैंक्स और सोशल मीडिया ग्रुप्स द्वारा भी भारत के खिलाफ फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स और बॉट्स का उपयोग किया गया।
ये अभियान भारत की आंतरिक स्थिरता, राष्ट्रीय एकता और अंतर्राष्ट्रीय छवि को कमजोर करने पर केंद्रित हैं।
भारतीय समाज में मौजूद दरारों का लाभ उठाने और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये चीनी हैंडलस् और बॉट खातों से अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, तमिल और उर्दू में दुष्प्रचार सामग्री फैलाई गई।
इस फीचर ने यह भी खुलासा किया कि कई संदिग्ध खातों ने पहचान छिपाने और ट्रैकिंग से बचने के लिये अपने यूजरनेम कई बार बदले थे।
इन समन्वित अभियानों के मुख्य उद्देश्य हैं-
● हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ाना
● जाति के आधार पर भारतीयों को विभाजित करना
● उत्तर बनाम दक्षिण की कथा को बढ़ावा देना
● सेना, न्यायपालिका और चुनावी प्रक्रिया पर संदेह पैदा करना
●भारत को इस्लामोफोबिक और असहिष्णु के रूप में चित्रित करना।
यह केवल सोशल मीडिया पर विवाद नहीं है - बल्कि भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक संस्थानों के खिलाफ एक पूर्ण पैमाने का हाइब्रिड युद्ध है।
X की पारदर्शिता फीचर ने एक ऐसी खिड़की खोल दी है जो दशकों से चल रही इस गुप्त साजिश को उजागर करती है।
भारत को अब व्यापक सूचना युद्ध रणनीति विकसित करने, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने, और नागरिकों को मीडिया साक्षरता प्रदान करने की तत्काल आवश्यकता है।
यह लड़ाई सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों के लिए है - और इसमें हर भारतीय की भागीदारी आवश्यक है, विशेषकर उनकी जो भावनाओं में आकर ऐसी झूठी जानकारियां बिना किसी जांच परख के कॉपी पेस्ट और फॉरवर्ड करते रहते हैं।

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