आगरा में एमएसएमई कॉन्क्लेव: उद्योगों को 'फिट' रखने की जरूरत
आगरा में आयोजित एमएसएमई कॉन्क्लेव में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि वैश्वीकरण और उदारीकरण के इस दौर में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, और उद्योगों को बाजार के अनुरूप स्वयं को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह उद्योगों का स्वर्णिम काल है और 'मेक इन इंडिया' जैसी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।
एमएसएमई अर्थव्यवस्था की रीढ़
कॉन्क्लेव के अध्यक्षीय भाषण में परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में 55% रोजगार एमएसएमई सेक्टर से आता है और सबसे अधिक संभावनाएं भी यहीं हैं। आगरा में नया औद्योगिक शहर विकसित हो रहा है, जो एमएसएमई के लिए नए अवसर प्रदान करेगा।
सरकारी योजनाओं और सहयोग पर विमर्श
कार्यक्रम में एमएसएमई विकास संस्थान के संयुक्त आयुक्त आर.के. भारती ने उद्यमियों को छोटे उद्योगों का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। साथ ही सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी साझा की गई।
उद्योगों की चुनौतियों पर चर्चा
पैनल डिस्कशन में उद्योगों की चुनौतियों और समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। पूरन डावर ने फुटवियर उद्यमियों को नॉन-लेदर सेक्टर में संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया और प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग की आवश्यकता जताई।
उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान
कार्यक्रम में कई उद्योगपतियों और शिक्षाविदों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें रजत अस्थाना, सौरभ खन्ना, राजेश गर्ग और अन्य शामिल रहे।

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