मशहूर ब्रांड टपर वेयर कर्ज के चलते दिवालिया
प्लास्टिक के किचनवेयर आइटम बनाने वाली कंपनी टपरवेयर (Tupperware) ने दिवालियापन के लिए अमेरिका की कोर्ट में आवेदन किया है। कंपनी पर 70 करोड़ डॉलर (करीब 5860 करोड़ रुपये) का कर्ज है। कर्ज चुकाने में नाकाम रहने पर कंपनी ने यह कदम उठाया है।
दशकों से दुनियाभर के घरों का हिस्सा रहा है. दशकों तक, Tupperware केवल रसोई का एक सामान नहीं था, बल्कि यह प्यार और देखभाल का प्रतीक भी था. बच्चों के स्कूल लंच इन डिब्बों में पैक होते थे, ऑफिस जानें वाले लोग भी इन्हें इस्तेमाल करते थे और सभी की मां उन्हें सख्त हिदायत देती थीं कि डिब्बे खो न जाएं. Tupperware के साथ यादों का सफर अब खत्म होने की कगार पर है. क्यों कि कंपनी ने आखिरकार अपने घटते मांग और बढ़ते कर्ज के बीच दीवालिया होने की घोषणा कर दी है. इस खबर ने उन सभी लोगों को भावुक कर दिया है जो इस ब्रांड से जुड़ी कई यादों को संजोए हुए हैं.
Tupperware जिसने दुनिया भर के घरों में अपनी पहचान बनाई थी, दीवालिया होने की कगार पर है. Tupperware ने हाल ही में Chapter 11 के तहत दीवालिया सुरक्षा के लिए आवेदन किया है, जो कंपनी की गिरती आर्थिक स्थिति को दिखाता है. महामारी के दौरान, जब लोग घरों में खाना बना रहे थे, Tupperware की बिक्री में एक बार फिर उछाल देखा गया था. लेकिन जैसे-जैसे जीवन सामान्य हुआ, कंपनी को फिर से घटती बिक्री का सामना करना पड़ा. और अब, 17 सितंबर 2024 को, Tupperware ने आधिकारिक रूप से दीवालिया होने की घोषणा की.
टपरवेयर पर करीब 700 मिलियन डॉलर यानि 5880 करोड़ रुपये के करीब कर्ज है जिसके लिए वो लंबे समय से लेंडर्स से बात कर रही थी. अब जाकर कंपनी ने दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन किया है. टपरवेयर की लोकप्रिया 1950 के दशक में तब सबसे ज्यादा बढ़ गई जब पोस्ट-वार जेनरेशन की पीढ़ी की महिलाओं ने सशक्तिकरण और स्वतंत्रता की मांग करते हुए अपने घरों में फूड स्टोरेज कंटेनर बेचने के लिए टपरवेयर पार्टियां करने लगी. अमेरिकी कंपनी टपरवेयर की स्थापना 1942 में अर्ल ट्यूपर द्वारा की गई थी.

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