आगरा के लिए शर्म की बात, पानी उपलब्ध होने के बाद भी , बहार से पानी मंगाना पड़ रहा:जल पुरुष
आगरा के बच्चों ने जल संकट के खिलाफ उठाई आवाज
आगरा में जल संकट एक बड़ी समस्या है, लेकिन शहर के बच्चे इस समस्या का समाधान निकालने के लिए आगे आए हैं। सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा और सेंट जेवियर इंटरनेशनल स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित जल पंचायत में बच्चों ने जल संचय की प्रभावी योजना बनाने पर चर्चा की।
जलपुरुष राजेन्द्र सिंह ने की बच्चों की प्रशंसा
आगरा के जल स्रोतों को चिन्हित करने पर बल
जल पंचायत में बच्चों ने आगरा के जल स्रोतों को चिन्हित कर जलसंचय की प्रभावी योजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आगरा के पुराने तालाबों को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए और उटंगन और खारी नदियों की बदहाली बंद होनी चाहिए। बच्चों ने कहा कि इन जल स्रोतों को संरक्षित करने से जल संकट को कम किया जा सकता है।
भूजल दोहन नीति की आलोचना
जल पंचायत में बच्चों ने संकल्प लिया कि वे जल संकट के खिलाफ लड़ते रहेंगे और जल संचय की प्रभावी योजना बनाने में मदद करेंगे। बच्चों ने कहा कि वे अपने परिवार और समाज में जल संचय के महत्व को समझाएंगे और जल संकट के समाधान के लिए काम करेंगे।
जल पंचायत में पंच मंडल- कर्नल शिव कुंजरू, ब्रिगेडियर विनोद दत्ता,डॉ. अतुल माथुर,डॉ आकाश अग्रवाल एमएलसी ,कशिश छात्र सेंट ज़ेवियर इंटरनेशनल स्कूल .
विशिष्ट अतिथि सुबोध शर्मा -अलीगढ, प्रेम शर्मा अलीगढ, कांति नेगी आदि
स्कूल मैनेजमेंट कविता अग्रवाल डायरेक्टर, जे पी अग्रवाल संस्थापक,सी पी अग्रवाल चेयरमैन, मुकुल विधोलिया प्रिंसिपल और स्कूल टीचर्स का विशेष सहयोग रहा कार्यक्रम का संचालन।सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के अनिल शर्मा ने किया।
निष्कर्ष
आगरा के बच्चों की जल पंचायत एक महत्वपूर्ण पहल है जो जल संकट के समाधान के लिए एक नए दिशा में कदम बढ़ाती है। बच्चों की यह पहल जल संचय की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी




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