वृंदावन में भूमाफिया ने 250 हरे पेड़ काट डाले,
वृन्दावन में हरे वृक्षों के कटान: एक पर्यावरणीय त्रासदी
वृन्दावन में एक बड़ी पर्यावरणीय त्रासदी घटित हुई है, जहां छटीकरा मार्ग स्थित वैष्णो देवी मंदिर के सामने 200 से अधिक हरे वृक्षों को जेसीबी और पोकलेन मशीन से काट दिया गया है। यह घटना गत रात्रि 12 से 3 बजे के बीच में हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना में गुंडई, भूमाफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत है। लगभग 50 जेसीबी और पोकलेन मशीनों का उपयोग करके इन हरे वृक्षों को काटा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 'बुधवार की देर रात वृंदावन में भू-माफियाओं ने सैकड़ों पेड़ काट दिए. वृंदावन में एक मंदिर के सामने करीब पांच एकड़ भूमि पर हरे भरे पेड़ लगे हुए थे. रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए भू माफियाओ ने बिना अनुमति के पेड़ों को काट दिया है
रेंजर अनूप तिवारी ने बताया कि वृंदावन में एक मंदिर के सामने खाली पड़ी जमीन पर हरे पेड़ लगे हुए थे. किसी ने रातों-रात काट लिए मौके पर दो टीमें लगी हुई हैं. अभी तक 250 हरे पेड़ों का आंकलन किया गया है. गिनती अभी भी जारी है. पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी गई थी, जो दोषी होगा उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मौके पर जांच की जा रही है.
इस घटना में 11000 केवीए की लाइन भी टूटकर गिर पड़ी, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बावजूद, भूमाफियाओं ने परवाह किए बिना हरे वृक्षों को काट दिया।
उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में जनहित याचिका 36311/2010 में वृन्दावन में हरे वृक्षों के काटने पर रोक लगाई गई है, लेकिन इसके बावजूद लगातार हरे वृक्षों को गैरकानूनी रूप से काटा जा रहा है।
पर्यावरणीय दृष्टि से यह एक बहुत बड़ी अपूर्णनीय क्षति है। मथुरा प्रशासन ने इस घटना के बारे में चुप्पी साध रखी है।
इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है।

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