यूएसए में मोदी के सामने डोवाल अरेस्ट होंगे!
डोवाल को सम्मन,भारत का करारा जवाब,मोदी के अमेरिकी दौरे से पहले एनएसए अजीत डोवाल को सम्मन देकर अमेरिका पावर चेक मैट का खेल रहा है,क्या इस सम्मन के बाद डोवाल मोदी के साथ अमेरिका नही जायेंगे ?
भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक तनाव लोकसभा चुनावों के बीच से बढ़ता ही जा रहा है। सीएए, अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और अब खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले में अमेरिका ने नापाक चाल चली है। सीएए और केजरीवाल मामले में अमेरिका ने खुलकर बयान दिया है, वहीं पन्नू की हत्या की कथित साजिश पर अमेरिकी अधिकारी ने तत्कालीन भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ सामंत गोयल का नाम लिया है, वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल पर निशाना साधा है।
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले में अमेरिकी कोर्ट के समन में अजीत डोभाल समेत अन्य भारतीय के नाम आने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी समन पर आपत्ति जताई है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने समन पर कहा है कि यह पूरी तरह से अनुचित और निराधार आरोप हैं. बता दें, न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की एक कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, पूर्व रॉ चीफ सामंत गोयल के अलावा निखिल गुप्ता और विक्रम यादव को समन भेजा गया है. वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने समन को लेकर कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित है. यह सरकार की नीति के भी खिलाफ है. उन्होंने कहा कि हम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं.
गुरपतवंत सिंह खालिस्तानी समर्थक और भारत के खिलाफ गतिविधियों में शामिल है. उसे अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता हासिल है. आतंकवाद के आरोपों में भारत में वो मोस्ट वॉन्टेड है. पन्नू सिख फॉर जस्टिस से जुड़ा हुआ है. पन्नू मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है. वो नाथू चक गांव का निवासी है.

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