Fssai ने दूध और दूध से बने उत्पाद पर A1/A2 की लेबलिंग पर रोक लगाई
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दूध और दूध से बने उत्पादों की लेबलिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। FSSAI का कहना है कि कंपनियों को दूध, घी और बटर को A1 और A2 के रूप में लेबल करके नहीं बेचना चाहिए, क्योंकि यह भ्रामक हो सकता है।
A1 और A2 दूध में क्या अंतर है?
दूध में कई तरह के कैसिइन होते हैं, जिनमें A1 और A2 बीटा-कैसिइन प्रमुख हैं। A1 दूध में A1 और A2 दोनों बीटा-कैसिइन होते हैं, जबकि A2 दूध में केवल A2 बीटा-कैसिइन होता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि A1 बीटा-कैसिइन हानिकारक हो सकता है, लेकिन यह दूध की क्वालिटी से जुड़ा मुद्दा नहीं है।
FSSAI के निर्देश
FSSAI ने कंपनियों को प्री-प्रिंटेड लेबल को हटाने के लिए छह महीने का समय दिया है, जिसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके बाद उत्पादों पर FSSAI लाइसेंस नंबर नहीं होगा। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि A2 के दावे के साथ दूध वसा उत्पाद बेचने वाली कंपनियां न लेवल भ्रामक हैं बल्कि ऐसे दावे खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का अनुपालन नहीं करते हैं।

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