एक छात्र से एक पेपर के लिए 50 लाख तक कमाने वाला पेपर लीक माफिया
करोड़ों में काली कमाई का लालच करने वाले आयोग के कर्मचारी
बिना योग्यता और मेहनत नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले छात्र जो एग्जाम देते हैं।
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मंगलवार, 11 जून 2024
लीक नहीं होगा पेपर, कौन लेगा गारंटी? दांव पर लगा करोड़ों युवाओं का भविष्य
मां-बाप अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर नौकरी के काबिल बनाते हैं। बच्चे सरकारी नौकरी पाने के लिए अपनी खुशियों को भुला देते हैं और रात-दिन जीतोड़ मेहनत करते हैं। देश में हर साल करीब डेढ़ करोड़ युवा नौकरी की दौड़ में शामिल हो जाता है। भारत युवाओं का देश है और यहां की वर्किंग पापुलेशन मतलब नौकरी करने की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा है। ऐसे में नौकरी की मांग ज्यादा है लेकिन सप्लाई कम है। मांग और सप्लाई का ये अंतर पेपर लीक को जन्म देता है।
"जब तक देश में माफिया रहेंगे तब तक यह होते रहेगा. इसमें माफियाओं का हाथ है. इसमें बड़े-बड़े हस्ती का भी नाम आता रहता है. लोग अपने बच्चों को जमीन बेचकर और लोन लेकर पढ़ाते हैं लेकिन इन माफियों के कारण पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है. ऐसे लोगों के साथ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.
युवा सरकारी नौकरी की ओर क्यों आकर्षित होते है ?
सरकारी नौकरियों में सुरक्षा ज्यादा है लेकिन संख्या बहुत ही कम है। इसलिए सरकारी नौकरी पाने और दिलाने के नाम पर होता है पेपर लीक। इसमें कमाई बहुत ज्यादा है क्योंकि छोटी से छोटी नौकरी का पेपर लीक होने के बाद बीस पच्चीस लाख प्रति छात्र के हिसाब से बिक जाता है। करोड़ों अरबों का ये काला कारोबार हमारे बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन है।
हिंदी पट्टी राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं होती हैं. इसका प्रमुख कारण है शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त होता है. हाल के दिनों में अगर देखे तो कई परीक्षाओं में पेपर लीक हुए हैं. आर्थिक अपराध इकाई ने जांच की तो जांच में छोटी मछलियां गिरफ्तार हुई है और बड़ी मछलियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती है. राजस्थान...उत्तराखंड...मध्यप्रदेश...गुजरात...उत्तरप्रदेश...बिहार...हिमाचल प्रदेश सहित दर्जनों राज्यों में हर साल पेपर लीक की की वारदात हो जाती हैं।यहां से होते हैं पेपर लीकसबसे ज्यादा खतरा प्रिंटिग प्रेस में रहता है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा लोगों के संपर्क में पेपर आता है, फिर बैंक लॉकर क्योंकि यहां भी थर्ड पार्टी इन्वॉल्वमेंट होता है. परीक्षा करवाने वाले कमीशन के स्ट्रॉग रुम, परीक्षा सेंटर,परीक्षा कंट्रोलर इन लोगों की भूमिका होती है संदिग्धकई राज्यों में पेपरलीक केस की जांच के दौरान पेपर लीक में संदिग्ध पाई गयी या जो दोषी साबित हुए...जहां पेपर छपता है उस प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारीअपने कोचिंग सेंटर का रिजल्ट सुधार कर बिजनेस चमकाने वाले आधुनिक ट्यूशन सेंटर
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