भारत विरोधी सभी खैराती आज एक मंच पर है अलग अलग तीरों का एक ही निशाना है भारतीय पी एम
नरेंद्र मोदी।
अडाणी और पीएम मोदी की डॉक्यूमेंट्री के सम्बन्ध में एक बड़ा नाम और सामने आया है और वह है बंगाल की TMC सांसद महुआ मोइत्रा का महुआ_मोइत्रा ने संसद में अनेक आरोप अदानी के खिलाफ लगाए हैं और उन्हीं आरोपों को आधार बनाकर Hindenburg ने अडाणी के खिलाफ अपनी रिपोर्ट बना दी !!
इसी रिपोर्ट में हिंडनबर्ग ने साफ लिखा है कि उन्होंने अडाणी के शेयरों में अपने सदस्यों, भागीदारों, सहयोगियों, कर्मचारियों और/या सलाहकारों के साथ-साथ अपने ग्राहकों और/या निवेशकों के माध्यम से शॉर्टपोजीशन ली है।
2019 में, यांग्त्ज़ी रिवर पोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड नाम की कंपनी ने हिंडनबर्ग रिसर्च के मालिक नेथन एंडरसन और उनकी ब्रोकरेज फर्मों क्लैरिटीस्प्रिंग सिक्योरिटीज एलएलसी और क्लैरिटीस्प्रिंग इंक के खिलाफ #मानहानि का मुकदमा दायर किया।
जेपी मॉर्गन क्लियरिंग कॉर्प इस भारत विरोधी समूह का संरक्षक है।
TMC की सांसद महुआ मोइत्रा इस जेपी मोर्गन की 2000 से 2009 तक उपाध्यक्ष रहीं है और hindenberg के मालिक की कम्पनी में मोइत्रा बड़े पद पर कार्यरत थी !!
Hindenburg के मालिक नाथन एंडरसन और उनकी ब्रोकरेज फर्म क्लेरिटीस्प्रिंग इंक और एक हेज फंड समूह, एनसनहेज समूह और उनकी विभिन्न संस्थाओं के खिलाफ एक अन्य मामले में कैटैलिस्टकैपिटल ग्रुप ने मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है !
यहां षड्यंत्र में कई किरदार और भी है
असल मे एंसनहेज फंड समूह के मालिक मोएजकसम एक एनजीओ चलाते हैं और उनकी पत्नी एनजीओ की को-फाउंडर हैं।
मोएज की पत्नी मारिसा कसम भी उसी जेपी मॉर्गन में काम करती थीं, जहां टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा सांसद थीं और दोनों एकसाथ ही यहां काम करती थीं।
दूसरा शख्स हैं परंजय गुहा जो द वायर, न्यूजक्लिक व अन्य प्रोपेगेंडा वेबसाइट पर आर्टिकल लिखते है, इस व्यक्ति का मोदी डॉक्यूमेंट्री और अडाणी दोनों पर लिखने में नाम आया है, और अडाणी ने इन पर भी एक केस लगा रखा है !
और सबसे खास बात है,बीबीसी का चेयरमैन रिचर्डशार्प भी उसी जेपी मॉर्गन में काम करता था, जहां टीएमसी सांसद महुआ वाइस प्रेसिडेंट थीं, और हिंडनबर्ग के मालिक के दोस्त की पत्नी मारिसा काम करती थीं।
अब समझिए कि इस साजिश के लिए कितने लोग मिले हुए हैं. पूरा गोल घूम कर पूरा मामला महुआ मोइत्रा और hidenberg और इनको फंडिंग देने वाले रॉकफेलर, बिलगेट्स faaoundation, जॉर्ज_सोरोस, अजीम प्रेमजी, नन्दन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणि तक आ कर पूरा होता है !
सारे सूत्र और इन लोगों के सभी के सबूत और समय समय पर इनके बयान भी मीडिया में उपलब्ध है !!!
जो टूलकिट गैंग लगातार 4 साल से सक्रिय है वही पुनः इस बार भी सक्रिय है, केवल मोहरे बदल गए हैं पर निशाना लगाने वाले और निशाना सब कुछ एक ही है, मियांखलीफा का मामला हो, या #कनाडा से खालिस्तानी संपर्क से किसान आंदोलन चलाने का, स्वराभास्कर हो या अधीर रंजन चौधरी, कोई और ......ये 2024 तक लगातार चलता रहेगा ....और हमें इन सबके चेहरे सामने लाने का मौका मिलता रहेगा !!
साभार




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