"पाकिस्तान सदर अयूब ने ऐलान किया था कि वो दिल्ली तक चहलक़दमी करते हुए पहुं जाएंगे।
वो इतने बड़े आदमी हैं, लहीम शहीम हैं। मैंने सोचा कि उनको दिल्ली तक पैदल चलने की तकलीफ़ क्यों दी जाए? हम ही लाहौर की तरफ़ बढ़ कर उनका इस्तक़बाल करें।"
ये जवाब दिया था, राजनीति के मर्यादा पुरुषोत्तम ने, पाकिस्तान को लाहौर तक घुस कर ,उसके घर में हराने वाले, हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री #लालबहादुरशास्त्री जी ने।
और हां,
पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान उन्हें बौना कहते थें। किसी ने शास्त्री जी की अयूब से प्रस्तावित भेंट के बारे में शंका ज़ाहिर की, कि वो तो लंबे हैं और आप ठिंगने, तो आप क्या करेंगे? शास्त्री जी ने जवाब दिया, वो सर झुका कर बात करेंगे मैं सर उठाकर बात करूंगा। इस तस्वीर ने ये साबित भी कर दिया।
जयंती पर एक कृतज्ञ स्मरण...

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