जिस रहस्य की गुत्थी सुलझने की प्रतीक्षा पूरा देश कर रहा है. अनेक दिग्गज वकील, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और पूरे देश का मीडिया उस रहस्य के जाल में उलझा हुआ है. उस रहस्य की गुत्थी को Zee न्यूज वाले राष्ट्रवादी सुधीर चौधरी ने सुलझा दिया है. सुधीर चौधरी ने टी वी पर ऐलान कर के बताया है कि सुशांत सिंह राजपूत की संदेहास्पद मौत की जांच कर रही CBI की टीम ने उनके सूत्र से बता दिया है कि हमारी जांच से यह साफ हो गया है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या ही की थी. उसकी हत्या नहीं हुई थी. सिर्फ यही नहीं. सुधीर भैय्या जी के सूत्र को CBI की टीम ने यह भी बता दिया है कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या में भी किसी और की कोई भूमिका नहीं थी. दरअसल सुशांत सिंह राजपूत बहुत भारी मात्रा में ड्रग्स लेता था और उसके साथ ही गांजे वाली 20-20 सिगरेट पीता था. इसीलिए उसकी मानसिक हालत बहुत खराब हो गयी थी. आत्महत्या करने से पहले भी उसने बहुत भारी मात्रा में ड्रग्स ली थी. अब आप लोगों को यह सवाल परेशान कर रहा होगा कि जो बात CBI ने अभी तक किसी को नहीं बतायी, वो बात उसने Zee वाले राष्ट्रवादी सुधीर चौधरी भैय्या के सूत्र को कैसे और क्यों बता दी.?
अपने उपरोक्त सवाल का जवाब आप इस तथ्य में तलाशिये कि ZEE न्यूज के मालिक के ESSEL ग्रुप की एक कम्पनी और है. उस कम्पनी का नाम है ZEE स्टूडियो. इस कम्पनी का धन्धा फिल्म बनाना ही है. लगभग 3 हजार करोड़ की इसी कम्पनी ने ही शाहरुख खान, आमिर खान, जावेद अख्तर के लड़के फरहान अख्तर की अधिकांश फ़िल्मों में पैसा लगाया है. यही नहीं. पाकिस्तानियों को बहुत सज्जन नेकदिल और हिन्दुस्तानियों, यहां तक की भारतीय सेना तक को बहुत कमीना सिद्ध करने वाली फिल्म राजी तथा हिन्दूओं को बवाली कट्टर दंगाई बताने वाली फिल्म मुल्क भी इसी ZEE स्टूडियो की रकम से बनी थी. फिल्म जिहाद को दर्शाती अपनी एक पोस्ट में फरहान अख्तर की जिस गोल्ड फिल्म का उल्लेख मैंने किया था उसमें भी इसी ZEE स्टूडियो की रकम लगी हुई थी. i
यह उल्लेख भी आवश्यक है कि मुल्क फिल्म का निर्माता निर्देशक वही अनुभव सिन्हा था जो सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा सक्रिय रहता है और रात दिन हिन्दूओं, हिन्दुत्व, RSS और प्रधानमंत्री मोदी को रात दिन भद्दी अश्लील गालियां बकता रहता है. ट्विटर पर सक्रिय मित्र इस तथ्य से भलीभांति परिचित होंगे.
अब यह भी जान लीजिए कि कल से पानी की तरह पैसा बहाकर रिया के समर्थन और सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ़ बहुत आक्रमक प्रचार अभियान प्रारम्भ किया गया है. सड़क छाप हीरोइन रिया की इतनी औकात नहीं की वो ऐसे किसी अभियान को चलवा सके. बड़े और भारी भरकम नाम हैं इसके पीछे. उनसे पंगा क्यों लें ZEE वाले.?
रही राष्ट्रवाद के नाम पर मूर्ख बनने वालों की तो दो चार दिन टीवी डिबेट में पाकिस्तान और मुसलमानों के खिलाफ़ एंकरों से जहरीली बयानबाजी करा के उन मूर्खों को पुनः सेट कर लिया जाएगा.😊
मेरे ख्याल से आप लोगों को आपके सवाल का उत्तर मिल गया होगा. अब यह सोच कर शांत हो के बैठिए कि "गन्दा है पर धन्धा है ये"😊
सतीश चंद्र मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार
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