राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच,आगरा चैप्टर के द्वारा आज हिमालय हिंद महासागर राष्ट्र समूह के स्थापना दिवस पर 28 सितंबर को HHRS डे पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया तथा परम् प्रतापी स्वतत्रंता संग्राम सैनानी भगत सिंह की देश के प्रति की गई शहादत को नमन् करते हुए सभी ने याद किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री गोलोक बिहारी राय,राष्ट्रीय महामंत्री , विशिष्ट वक्ता लै.जनरल आर.एन.सिंह , राष्ट्रीय अध्यक्ष- राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच , मुख्य अतिथि प्रोफेसर रक्षपाल सिंह, कुलपति- स्वामी केश्वानंद कृषि विश्वविद्यालय (बीकानेर),व अध्यक्षता बिग्रेडियर मनोज कुमार जी और संचालन डा. गजेंद्र सिंह तोमर ने किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में हिमालय हिंदमहासागर राष्ट्र समूह के स्थापना पर आगरा चैप्टर के द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष लै.जनरल आर.एन.सिंह जी ने कहा कि माननीय इंद्रेश कुमार जी ,मुख्य राष्ट्रीय मार्गदर्शक व संस्थापक के नेतृत्व मे राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच देश में ही नहीं ब्लकि पड़ोसी देशों से अपने सास्कृतिक संबंध कायम रखने के लिए समय-समय पर हिमालय हिंदमहासागर राष्ट्र समूह मे सामाजिक समरसता व मानवीयकरण के कार्य के कर रहा है। लै.जनरल सिंह ने बताया कि भारत सरकार एक लाख से अधिक एन.सी.सी. कैडेट्स को सेना का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा जिससे अधिक से अधिक युवा वर्ग को सैन्य शक्तियों में सम्मिलित करके सशक्त भारत का निमार्ण किया जा सके। लै. जनरल सिंह साहब ने आज के इस मौके पर स्वतंत्रता सग्राम सैनानी भगत सिंह की कुर्बानी को भी याद किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री गोलुक बिहारी राय ,राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि माननीय इंद्रेश कुमार जी की भारत की सस्कृति के अनुकूल अपने पडोसी देशों के लोगों के प्रति मानवता के साथ सदैव सकारात्मक रूख रहा है। इसलिए बलूचिस्तान , सिंधु प्रांत आदि सहित अनेक देशों के मानवीय मुद्दों पर वहाँ के लोगों के साथ वैचारिक तौर से जुडे हुए है। पिछड़े साल आगरा मे यहाँ के चैप्टर के लोगों ने माननीय इंद्रेश कुमार जी के नेतृत्व मेंहिमालय हिंदमहासागर राष्ट्र समूह के गठन पर का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कराया था जिसमें अनेक देशों के राजदूत व प्रतिनिधियों ने सहभागिता की थी। इसमें परस्पर सांस्कृतिक, व्यापारिक ,शिक्षा, विज्ञान एव प्रौद्योगिकी आदि विषयों पर शोध पत्र पढ़ें गये थे। सहभागिता करने वाले देशों के राजदूत व प्रतिनिधियों ने परस्पर नागरिकों के मध्य मैत्रीय संबंधों के लिए पर्यटन , सांस्कृतिक,व्यवहार, शिक्षा , पर्यावरण , शांति बहाली आदि अन्य सहयोगीमुद्दों पर समन्वय कार्यक्रम पर आम सहमति प्रदान की। कोरोना के चलते कोई बडे कार्यक्रम नहीं हो पा रहे है परन्तु इंद्रेश जी की अगुवाई मे अंतरराष्ट्रीय वैबीनार आयोजित हो रहे है ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर रक्षपाल सिंह ,कुलपति -स्वामी केश्वानंद कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर ने कहा कि हमारा देश बहु संस्कृति व सांस्कृतिक विरासत का सदैव धनी रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की अगुवाई में बना 54 देशों का हिमालय हिंदमहासागर राष्ट्र समूह अपने यश, वैभव, पराक्रम, शौर्य तथा तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी के सहयोग से नये व्यापक विकास के आयामों को तय करेगा। विश्व की अन्य शक्तियाँ भारत के नेतृत्व का लोहा मानेगी।
इस दौरान आगरा चैप्टर के वक्ता श्री रवीन्द्र पाल सिंह टिम्मा ने गत वर्ष आगरा मे आयोजित हिमालय हिंदमहासागर राष्ट्र समूह के प्रथम अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डा. रजनीश त्यागी , सगंठन मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत अपनी मूल संस्कृति वसुदैव कुटुम्बकम् की नीति के कारण मानवीयकरण के लिए समूचे विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। भारत का इतिहास रहा है कि उसने कभी विस्तारवाद की नीति नहीं अपनायी है। सम्पूर्ण विश्व को परिवार मानते हुए प्रकृति , पर्यावरण व मानवता के प्रतिवद्धता हमारी सभ्यता रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अटल टन्नल के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर मनोज कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के द्वारा गठित हिमालय हिंदमहासागर राष्ट्र समूह का स्थापना दिवस कोरोना की वजह भव्यता से नहीं कर सके है परन्तु इस अक्टूबर के अंत मे माननीय इंद्रेश कुमार जी की अध्यक्षता में पुनः सभी राष्ट्टो के प्रतिधिमंडल वैबीनार के माध्यम से जुडेंगे जिसमें सामौहिक तौर से व्यापारिक व आर्थिक मुद्दों पर चर्चा व नीति निर्धारण के लिए परस्पर बहुराष्ट्रो के विशेषज्ञ भाग लेगें।
इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के अतुल सरीन ,ठा. पवन सिंह , डा.राजीव उपाध्याय , कर्नल जी.एम. खान, कर्नल उमेश दुवे ,डा.डी.एस.तोमर , डा.दिवाकर तिवारी,नागेंद्र प्रताप सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस संगोष्ठी में सर्व श्री नरेन्द्र शर्मा, राजील यादव, डा. विवेक श्री वास्तव, डा.शलोनी श्रीवास्तव, तरश वशिष्ठ, विनोद गुप्ता, अमितेश दीक्षित, जीतू चौहान, अरविन्द बघेल, आदि अनेक समाजसेवी व बुद्धिजीवी वर्ग ने सहभागिता प्रदान की।
अन्त में ई संगोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों का डा. गजेंद्र सिंहतोमर ने आभार व्यक्त किया तथा भारतीय वाद्ययंत्रों की धुन पर राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।


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