देश में कौन सी कार कितनी सुरक्षित है और क्रैश टेस्ट में किसे कितने अंक मिले हैं, ये आंकड़े ग्लोबल एनसीएपी (Global NCAP) ने जारी कर दिए हैं. ग्लोबल एनसीएपी ने अपने #SaferCarsForIndia अभियान के तहत क्रैश टेस्ट कंडक्ट कराया था. जिसमें मारुति सुजुकी वैगन आर (Maruti Suzuki Wagon R), अर्टिगा (Ertiga), हुंडई सेंट्रो (Hyundai Santro) और डैटसन रेडीगो (Datsun Redigo) को टेस्ट किया गया है. ऑटोकार इंडिया की खबर के मुताबिक, एक भी कार क्रैश टेस्ट को पास नहीं कर पाई है. किसी भी कार को टाटा नेक्सॉन के जैसे पांच-स्टार रेटिंग नहीं मिली है. नेक्सॉन आज भी देश की सबसे सुरक्षित कार है, क्योंकि उसे क्रैश टेस्ट में पांच स्टार हासिल हुए थे.
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि भारत में एबीएस, सीट-बेल्ट रिमाइंडर्स, स्पीड अलार्म और ड्राइवर साइड एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर्स को अनिवार्य किए जाने के बाद भी ये गाड़ियां क्रैश टेस्ट में फेल हो गई हैं.
अर्टिगा को सर्वाधिक रेटिंग स्टार मिले
इन सभी गाड़ियों में सबसे ज्यादा तीन रेटिंग अर्टिगा को मिली हैं. इस कार अडल्ट प्रोटेक्शन में तीन स्टार्स मिले हैं. हालांकि इस एमपीवी के बॉडीशेल, फुटवेल रीजन को अनस्टेबल रेट किया गया है. कार को हेड (सिर) और नेक (गर्दन) प्रोटेक्शन के लिहाज से गुड बताया गया है, जब कि ड्राइवर के सीने की प्रोटेक्शन के मामले में ये मार्जिनल रही है.
वैगन आर और सेंट्रो फैल
मारुति की पॉपुलर हैचबैक वैगनआर को अडल्ट प्रोटेक्शन में दो स्टार दिए गए हैं. कार का बॉडीशेल और फुटवेल अनस्टेबल है. हेड और नेक प्रोटेक्शन के मामले में ये बस ठीक है, जब कि चेस्ट (सीने) की प्रोटेक्शन में इसे कमजोर बताया गया है. वैगन आर के जैसे हुंडई सेंट्रो को भी दो ही स्टार मिले हैं. इस कार को ड्राइवर के चेस्ट प्रोटेक्शन के मामले में कमजोर रेट किया गया है.
सबसे जानलेवा डैटसन रेडिगो
सबसे कम स्टार डैटसन रेडीगो को मिले हैं. इस कार को सेफ्टी के लिहाज से बेहद खराब बताया गया है और क्रैश टेस्ट में इसे सिर्फ एक स्टार मिला है. ड्राइवर के चेस्ट प्रोटेक्शन को लेकर इसे बेहद खराब रेटिंग दी गई है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें