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बुधवार, 29 मई 2019

यूट्यूब विडियो से सीखा फर्जी नोट तैयार करना, छाप डाले 10 लाख के नोट



नई दिल्ली : दो साल पहले 27 साल के रवि संधू यूट्यूब सर्फिंग कर रथा था तो अचानक उसकी नजर एक विडियो ट्यूटोरियल पर पड़ी, जिसमें यह सिखाया जा रहा था कि कैसे फर्जी भारतीय मुद्रा तैयार की जाती है। विडियो से प्रोत्साहित होकर रवि कंप्यूटर और प्रिंटर घर ले आया और 2,000, 500 और 200 के फर्जी नोट छापने लगा। शुरुआत में रवि ने फर्जी नोट पंजाब के दूरदराज के इलाकों में चलाए लेकिन जैसे ही पुलिस को भनक लगी उसने अपना कामकाज दिल्ली शिफ्ट कर दिया। वह साप्ताहिक बाजारों और शराब के ठेकों पर रात में फर्जी नोटों को खपाता, जब भीड़ के कारण कोई नोट देखे बिना ही रख लेता। पुलिस ने रवि के साथ-साथ उसके नोट छापने के सेट-अप को भी कब्जे में ले लिया है। रवि के पास से 1.38 लाख के नकली नोट भी बरामद किए गए हैं। 

रवि ने पुलिस को बताया कि अब तक वह 10 लाख रुपये के फर्जी नोट छाप चुका है। रवि अविवाहित है और पंजाब के लुधियाना का रहने वाला है। वह साउथ दिल्ली के विष्णु गार्डन इलाके में किराए के मकान में रहता है। पूछताछ में उसने बताया कि पंजाब पुलिस ने उसे फर्जी करंसी रैकेट चलाने के आरोप में अरेस्ट किया था। 

दिल्ली आने के बाद वह पहले से ज्यादा सतर्क हो गया। हर तीन महीने में वह मकान बदलता रहता था ताकि पुलिस के रडार में न आ सके। वह इस बात का भी पूरा ध्यान रखता था कि दोबारा किसी ऐसी दुकान में न जाए, जहां वह पहले गया हो और उसने फर्जी नोट वहां खपाया हो। डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने कहा कि रवि संधू के खिलाफ फर्जी करंसी प्रिंटिंग का केस दर्ज लिया गया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस काम में उसके साथ कोई और भी तो नहीं। आरोपी संधू नोटों की तस्वीरें डाउलोड करता था और साधारण पेपर पर उनके प्रिंटआउट लेता था। नोटों को बेहद ध्यान से काटा जाता था, जिसका साइज असली नोट जैसा होता। फर्जी नोट तैयार कर वह उन्हें हर जगह से मोड़ देता था ताकि वे पुराने दिखें और लगे कि असली नोट हैं। 

रवि के रैकेट का भँडाफोड़ तब हुआ जब तिलक नगर पुलिस स्टेशन को साप्ताहिक बाजार में उसकी गतिविधियों के बारे में पता चला। एसआई अंशु और अन्य की टीम ने कई जगहों पर जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया। उसे तब पकड़ा गया जब वह फर्जी नोट चलाने के लिए एक दुकान में पहुंचा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हमने रवि के पास से 2000 हजार के 64 फर्जी नोट बरामद किए हैं, जबकि 17 नोट 500 रुपये के हैं और 8 दो-दो सौ के। ध्यान से देखा जाए तो आसानी से पता चलता है कि ये नोट नकली हैं। पेपर की क्वॉलिटी और नोट में लगे थ्रेड असल नोटों से काफी अलग है।' 

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