समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद अब उनके कारोबार, पारिवारिक रिश्तों और करोड़ों रुपये के निवेश विवादों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में रियल एस्टेट और फिटनेस सेक्टर में हुए भारी आर्थिक नुकसान ने प्रतीक यादव को मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया था। इसी दौरान उनके और पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट के बीच रिश्तों में भी गंभीर दरार आ गई थी।
रियल एस्टेट और जिम कारोबार से खड़ा किया था बड़ा नेटवर्क
प्रतीक यादव लंबे समय से रियल एस्टेट, फिटनेस और जिम बिजनेस से जुड़े हुए थे। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित उनका “आयरन कोर फिट” जिम शहर के चर्चित फिटनेस सेंटरों में गिना जाता था। कारोबार के विस्तार के दौरान अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट को भी बिजनेस में अहम जिम्मेदारी दी गई थी। बताया जाता है कि वर्ष 2012 से 2016 के बीच कई कंपनियां रजिस्टर कराई गईं, जिनमें अमन बिष्ट डायरेक्टर अथवा डिजिग्नेटेड डायरेक्टर के तौर पर जुड़े थे। हालांकि पूरे कारोबारी संचालन और अंतिम फैसलों की कमान प्रतीक यादव के पास ही मानी जाती थी।
निवेश डूबने के बाद बढ़ा विवाद
करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले करीब एक वर्ष से अलग-अलग प्रोजेक्ट्स और निवेशों में नुकसान सामने आने लगा था। करोड़ों रुपये फंसने के बाद कारोबारी तनाव लगातार बढ़ता गया। इसी दौरान प्रतीक यादव और अमन बिष्ट के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे। बताया जाता है कि हालात इतने खराब हो गए थे कि प्रतीक यादव ने अमन बिष्ट को गोमतीनगर स्थित ऑफिस खाली करने तक के लिए कह दिया था।
सूत्रों का दावा है कि आर्थिक दबाव और करीबी लोगों के साथ बिगड़ते रिश्तों ने प्रतीक यादव को मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था।
करोड़ों के विवाद और कानूनी उलझनों ने बढ़ाई परेशानी
प्रतीक यादव के सामने सिर्फ कारोबारी नुकसान ही नहीं बल्कि कानूनी विवाद भी बड़ी चुनौती बनकर उभरे। पिछले वर्ष जुलाई में उन्होंने कृष्णानंद पांडेय नामक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि करोड़ों रुपये के निवेश के बाद पैसे वापस नहीं किए गए और उल्टा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।
दूसरी ओर, अमन बिष्ट पर भी एक कारोबारी द्वारा करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराए जाने की चर्चा रही। इन मामलों ने पूरे कारोबारी नेटवर्क पर दबाव बढ़ा दिया था।
नोएडा निवेश में फंसे थे करोड़ों रुपये
जानकारी के मुताबिक, प्रतीक यादव का नोएडा के एक बिल्डर प्रोजेक्ट में भी बड़ा निवेश फंसा हुआ था। बताया जाता है कि लंबे समय तक रकम वापस न मिलने से वह बेहद तनाव में रहने लगे थे। करीबी लोगों का कहना है कि वह परिवार के साथ विदेश जाकर नई शुरुआत करने की योजना बना रहे थे और इंग्लैंड शिफ्ट होने पर भी विचार कर रहे थे।
अंतिम समय में फिर साथ दिखे अमन बिष्ट
हालांकि कारोबार और रिश्तों में आई कड़वाहट के बावजूद अंतिम समय में अमन बिष्ट परिवार के साथ मौजूद दिखाई दिए। अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक उन्हें लगातार परिवार के साथ देखा गया।
फिलहाल प्रतीक यादव के निधन को लेकर कई सवाल चर्चा में हैं। हालांकि परिवार की ओर से आधिकारिक रूप से किसी भी कारोबारी विवाद को मौत की वजह नहीं बताया गया है।

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