चर्च के थोपे हुए नजरिए से थी मेरी लड़ाई’ कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस का धर्म पर बेबाक बयान
मशहूर कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस ने खुद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें धर्म पर सवाल उठाने के कारण चर्च से बाहर जाने को कह दिया गया था, लेकिन उस समय एक ऐसा दर्द उनके दिल में उतरा जिसका उन्हें आज भी मलाल है।
मशहूर कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस को आज पूरी दुनिया उनकी बेहतरीन डांसिंग और रियलिटी शोज में उनके बेबाक अंदाज के लिए जानती है। लेकिन सफलता के इस मुकाम तक पहुंचने से पहले टेरेंस का मुकाबला सिर्फ बाहरी दुनिया से नहीं, बल्कि उनके अपने ही अंदर चल रहे सवालों और मान्यताओं से भी था। हाल ही में टेरेंस ने अपने बचपन और धर्म को लेकर अपने संघर्ष के बारे में बेहद निजी खुलासे किए। जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि वह कौन-सा समय था जब वह टूट गए थे।
टेरेंस लुईस ने की थी अपने धर्म से बगावत
टेरेंस लुईस ने टॉक शो 'बिफोर आई बिकेम मी' में ऋषभ शाह के साथ खास बातचीत की। इस दौरान टेरेंस ने बताया कि उनका पालन-पोषण एक बेहद धार्मिक ईसाई परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही काफी जिज्ञासु स्वभाव के थे। उन्होंने कहा, "मैंने पहली बार 8-9 साल की उम्र में बाइबल पढ़ी और फिर 12 साल की उम्र में उसे दोबारा पढ़ा। जैसे-जैसे मैं पढ़ता गया, मेरे मन में कई विसंगतियों को लेकर सवाल उठने लगे।" टेरेंस को लगा कि जो लिखा है और जो सिखाया जा रहा है, उनमें तालमेल नहीं बैठ रहा।
टेरेंस लुईस ने उठाए थे सवाल
अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए जब टेरेंस चर्च के पादरी के पास गए और उनसे सवाल पूछे, तो जवाब मिलने के बजाय उन्हें नाराजगी का सामना करना पड़ा। टेरेंस ने उस घटना को याद करते हुए बताया, "पादरी मेरे सवालों के जवाब नहीं दे पाए। एक समय तो ऐसा आया जब उन्होंने चिढ़कर मुझसे कह दिया कि यहां से निकल जाओ, तुम बहुत ज्यादा सवाल पूछते हो।" टेरेंस ने साफ किया कि उनकी लड़ाई ईसा मसीह (जीसस) से नहीं, बल्कि उस 'सिस्टम' और चर्च की संगठित व्यवस्था से थी जो किसी के नजरिए को दूसरों पर थोपती है।
मां को पहुंचा दुख, खुद चुनी अपनी राह
टेरेंस ने माना कि जब उन्होंने धर्म और मान्यताओं पर सवाल उठाना शुरू किया, तो इसका सबसे बुरा असर उनकी मां पर पड़ा। उन्होंने कहा, "वह मेरी मां के लिए सबसे कठिन दौर था। मुझे पता है कि मेरे सवालों ने उन्हें बहुत दुख पहुंचाया, लेकिन मैं खुद फैसला लेना चाहता था। मुझे किसी दूसरे व्यक्ति के नजरिए से धर्म को समझने की जरूरत महसूस नहीं हुई, लेकिन मां जब नाराज हुई तो मैं अंदर से टूट गया था।"
डांस की दुनिया के बेताज बादशाह
भले ही धार्मिक व्यवस्थाओं से उनके रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हों, लेकिन कला की दुनिया में उन्होंने अपनी एक अलग 'आस्था' बनाई। 'डांस इंडिया डांस' (DID) जैसे शो से घर-घर में मशहूर हुए टेरेंस ने भारत में 'कंटेम्पररी डांस' को एक नई पहचान दिलाई है। आज वह 'टेरेंस लुईस कंटेम्पररी डांस कंपनी' के जरिए हजारों युवाओं के सपनों को पंख दे रहे हैं।

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