हिंदुओं को पूजा का अधिकार पर देने पर जज के खिलाफ महाभियोग लाने का नोटिस
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प्रियंका वाड्रा, असदुद्दीन ओवैसी, शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले सहित इंडी गठबंधन के 112 सांसदों ने मद्रास हाई कोर्ट के मदुरई बेंच के जज जस्टिस जी आर स्वामीनाथन को पद से बर्खास्त करने के लिए महाभियोग लाने का नोटिस किया है।
क्या है मामला?
मदुरै के पास थिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित अरुलमिघु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में दीपथून (स्तंभ) पर पारंपरिक दीप जलाने के आदेश से जुड़ा है। यहां दीपम महोत्सव होता था, लेकिन दरगाह वालों ने स्तंभ पर दीप जलाने पर आपत्ति जताई। जस्टिस स्वामीनाथन ने एक दिसंबर को अपने आदेश में कहा था कि मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह दीप जलाए। यह दीपस्तंभ दरगाह के नजदीक स्थित है, अदालत ने स्पष्ट किया था कि इससे दरगाह या मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा।
तमिलनाडु सरकार की अपील
तमिलनाडु की सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जहां उसके वकील कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी है, लेकिन INDI गठबंधन इससे खुश नहीं है।
INDI गठबंधन की मांग़
INDI गठबंधन चाहता है कि जस्टिस स्वामीनाथन को पद से हटाया जाए, क्योंकि उन्होंने हिंदुओं के पूजा के अधिकार को बरकरार रखने का आदेश दिया है। इस मांग में कांग्रेस, सपा, बसपा सहित कई दल शामिल हैं।
ओवैसी और अन्य मुस्लिम दलों की भूमिक
असदुद्दीन ओवैसी और अन्य मुस्लिम दल भी इस मामले में INDI गठबंधन के साथ हैं। ओवैसी ने कहा है कि हिंदुओं को अपने पूजा के अधिकार से वंचित किया जाना चाहिए।
हिंदुओं के पूजा के अधिकार पर हमला
यह मामला हिंदुओं के पूजा के अधिकार पर हमला है। जस्टिस स्वामीनाथन का आदेश हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा करता है, लेकिन INDI गठबंधन और अन्य मुस्लिम दल इसे खत्म करना चाहते हैं।
यह मामला हिंदुओं के पूजा के अधिकार पर विवाद को उजागर करता है। INDI गठबंधन और अन्य मुस्लिम दलों की मांग है कि हिंदुओं को अपने पूजा के अधिकार से वंचित किया जाए। यह देखना होगा कि आगे क्या होता है और हिंदुओं के पूजा के अधिकार का क्या होगा।

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