उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की बड़ी सफाई: तीन करोड़ से अधिक नाम हो सकते हैं बाहर
उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की सफाई अभियान शुरू किया है, जिसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं। प्रदेश में औसतन 20% से अधिक नाम इस श्रेणी में आ रहे हैं, जिससे अनुमान है कि अंतिम सूची से 3 करोड़ से अधिक नाम कट सकते हैं।
किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?
प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, लखनऊ और गाजियाबाद में सबसे बड़ा असर दिख रहा है। इन जिलों में 25-30% तक नाम हटने की संभावना है। इसके अलावा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में भी 22-26% तक कटौती का अनुमान है।
क्यों काटे जा रहे हैं इतने नाम?
शहरों में तेज़ी से माइग्रेशन और किराए के घर बदलने पर अपडेट न होना
पुराने रजिस्टरों में मृत मतदाताओं के लाखों नाम अभी भी दर्ज
एक ही व्यक्ति का 2-3 स्थानों पर नाम होना
2012-2014 के बाद कई जिलों में गहन पुनरीक्षण न होना
क्या है दावा-आपत्ति का मौका?
चुनाव आयोग ने 18 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति स्वीकार करने का समय दिया है। अगर आपका नाम गलती से हट गया है, तो आप इस दौरान अपना दावा पेश कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
voters.eci.gov.in पर लॉगइन करें
Voter Helpline App से सत्यापन करें
गलतियों के सुधार के लिए Form-8 जमा करें
लोकतंत्र को शुद्ध और सटीक बनाने का प्रयास
यह अभियान सिर्फ कागज़ से नाम हटाने का नहीं, लोकतंत्र को शुद्ध और सटीक बनाने का प्रयास है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आपकी पहचान और आपका वोट सुरक्षित रहे। अगर आपको कोई समस्या आती है, तो आप चुनाव आयोग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
मतदाता सूची की जांच कैसे करें?
मतदाता सूची की जांच करने के लिए
आप निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:
voters.eci.gov.in पर लॉगइन करें
Voter Helpline App डाउनलोड करें
अपने जिले के चुनाव कार्यालय में संपर्क करें
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की सफाई अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मतदाता सूची को सटीक और सुरक्षित बनाया जा सके। अगर आपका नाम गलती से हट गया है, तो आप दावा-आपत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आपकी पहचान और आपका वोट सुरक्षित रहे।

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