कोडीन कफ सिरप मामले में 128 FIR दर्ज, 3 आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप की तस्करी के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है, जिसके चलते राज्य के बड़े अधिकारियों को प्रेस कॉन्फ़्रेंस करनी पड़ी। इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, DGP राजीव कृष्ण और सचिव औषधि रोशन जैकब ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी है, और अब तक 128 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से कुछ स्टॉकिस्ट अवैध रूप से कफ सिरप बेच रहे थे, और पाँच में से तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
मामले की जांच और कार्रवाई
जांच में पता चला है कि कफ सिरप की बांग्लादेश और नेपाल में सप्लाई की जा रही थी।
इस मामले में एक SIT गठित की जाएगी, जो जांच करेगी।
ED भी इस मामले की जांच कर रही है, और ड्रग माफिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सरकार ने साफ कहा है कि ड्रग माफिया पर जीरो टॉलरेंस होगा, और हर कड़ी की जांच होगी।
मुख्य आरोपी और गिरफ्तारी
मुख्य आरोपी शुबम जायसवाल अभी फरार है, जिसने अपने बचाव में एक वीडियो जारी कर सभी आरोपों से इनकार किया है।
शुभम के पिता भोला जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उनसे पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसियों को शक है कि शुभम जायसवाल ने अपने पिता और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस कोडीन तस्करी के रैकेट को चलाया था।
अन्य गिरफ्तारियां और कार्रवाई
इस मामले में अब तक 70 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
जांच एजेंसियों ने कई फर्जी फर्मों और गोदामों का पता लगाया है, जिनका उपयोग कोडीन कफ सिरप की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
इसके अलावा, कई जिलों में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में कोडीन कफ सिरप बरामद किया गया है।
उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप की तस्करी के मामले में जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर रही हैं। सरकार ने ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, और इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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