ओ तेरी! 40 दिन में 150 शादियां टूटी! वेडिंग सीजन में सोशल मीडिया बना खलनायक
शादियों के सीजन के बीच एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। बीते चालीस दिनों में तीन हजार से ज्यादा शादियों में से करीब एक सौ पचास शादियां ऐन वक्त पर टूट गईं, जिनमें सोशल मीडिया एक बड़ी वजह बनकर उभरा है। पुराने पोस्ट, कमेंट, लाइक और फॉलोअर्स को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि कई रिश्ते शादी से ठीक पहले ही खत्म हो गए।
वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के अनुसार, अकेले इंदौर शहर में प्री-वेडिंग शूट के दौरान या उससे पहले सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगालने से कई पुराने मामले सामने आए, जिससे परिवारों और जोड़ों के बीच मतभेद बढ़े। कई मामलों में लड़का-लड़की या उनके परिवारों ने सीधे शादी से इनकार कर दिया।
लास्ट-मिनट ब्रेकअप की प्रमुख वजहें
कम्पैटिबिलिटी न मिलने का देर से अहसास कई बार रिश्ता ऐसे ही आगे बढ़ता है, लेकिन शादी नजदीक आते ही असल स्वभाव सामने आने लगता है। जैसे, ईगो क्लैश, जीवनशैली में बड़ा अंतर, धार्मिक व सांस्कृतिक मतभेद। जब लगता है कि आगे चलकर रिश्ता टूट ही जाएगा, तब लोग शुरुआत में ही पीछे हट जाते हैं।
आर्थिक और करियर से जुड़ी चिंताएं
आज के युवाओं की प्राथमिकता करियर है। जब उन्हें लगता है कि शादी उनकी आज़ादी या काम को सीमित कर देगी—वे कमिटमेंट को रोक देते हैं।
परिवारों की दखलअंदाजी
घरेलू अपेक्षाएँ, कंट्रोलिंग व्यवहार, दहेज की मांग, ये तीनों शादियां टूटने की सबसे बड़ी वजहें बनी हैं। इंदौर में पिछले मामलों में 22% ब्रेकअप दहेज विवादों की वजह से हुए।
सोशल मीडिया और अवास्तविक तुलना
इंस्टाग्राम की "परफेक्ट कपल लाइफ" देखकर अब रियल रिश्ते लोगों को कमतर लगते हैं। असली और नकली में फर्क न कर पाना भी ब्रेकअप की ओर धकेलता है।
आपसी भरोसे का टूटना
चैट हिस्ट्री, फेक अकाउंट, पुरानी रिलेशनशिप की जानकारी, इन सबने होने वाले दूल्हा-दुल्हन के बीच अविश्वास को बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शादी से पहले सोशल मीडिया प्रोफाइल को लेकर पारदर्शिता जरूरी हो गई है विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि शादी से पहले सोशल मीडिया को लेकर खुलकर बातचीत की जाए, ताकि रिश्ते आखिरी वक्त पर टूटने से बच सकें।

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