महाभियोग से जस्टिस जीआर स्वामीनाथन को धमकाने की कोशिश डीएमके सरकार के गले अटक गयी है।
जस्टिस ने केवल केस में और भी सख्त रूख अपना लिया और राज्य में ऐसे कई और फैसलों की फेहरिस्त गिना कर पूरी कहानी सामने ला दी है
दीप स्तंभ जलाने का आदेश अभी प्रभावी है, सनातन के लिये किये गये कई फैसलोें का अधिकारियों ने नहीं किया पालन। ये सीधे सीधे अवहेलना है, डीएमके के इशारों पर नाच रहे आला अधिकारियों को किया तलब, केन्द्रीय गृहसचिव को भी सह प्रतिवादी बनाया।
इस पूरे राजनीतिक विवाद की जड़ न्यायमूर्ति स्वामीनाथन का एक फैसला है। पिछले हफ्ते, उन्होंने तमिलनाडु के तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित 6वीं शताब्दी के सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के प्रशासन को एक निर्देश दिया।
यह निर्देश था कि 13वीं शताब्दी की सिकंदर बादुशाह दरगाह के पास एक स्तंभ पर 'दीपक जलाने की परंपरा' को फिर से शुरू किया जाए। जब राज्य सरकार ने विरोध किया और मंदिर प्रबंधन ने पालन नहीं किया, तो जज ने अवमानना का आदेश भी जारी किया।
सरकारी अधिकारियों को फटकार और नोटिस
न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने अपने आदेशों का पालन न करने पर तमिलनाडु के मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) को 17 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होने के लिए भी तलब किया है। उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, "मैं यहां हाथ उठाकर असहाय होकर यह कहने के लिए नहीं हूं कि, 'हे पिता, उन्हें माफ कर दो, क्योंकि वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं।' यह जानबूझकर उल्लंघन है।" उन्होंने CISF की रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया था कि मदुरै पुलिस आयुक्त ने 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ अदालत के आदेश का पालन करने से CISF टुकड़ी को रोका था।
जस्टिस स्वामीनाथन को साल 2014 में भारत सरकार का असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल चुना गया था. उस समय उन पर पद पर रहने के बावजूद भाजपा के कार्यक्रम में जाने के आरोप लगे थे. उन्हें साल 2017 में मद्रास हाईकोर्ट के एडमिशनल जज के पद पर प्रमोट किया गया था और बाद में परमानेंट कर दिया गया. जस्टिस स्वामीनाथन अब तक 52,094 फैसले सुना चुके हैं. एक बार उन्होंने कहा था, ‘अगर आप वेदों की रक्षा करते हैं, तो वेद आपकी रक्षा करते हैं’. इस टिप्पणी ने काफी सुर्खियां बटोरी थी. अगर उनके खिलाफ महाभियोग नहीं चला, तो नियम के हिसाब से वह 31 मई 2030 को रिटायर होंगे.

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