राजा रघुवंशी हत्याकांड: पत्नी सोनम की गिरफ्तारी से खुले चौंकाने वाले राज !
इंदौर के नवविवाहित जोड़े राजा और सोनम रघुवंशी का हनीमून केस एक चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। 17 दिनों तक लापता रहने के बाद सोनम रघुवंशी को उत्तरप्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
जबकि मेघालय पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सोनम ने ही अपने पति राजा की हत्या करवाई थी। मेघालय पुलिस के डीजीपी "आई नोंगरांग" ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया है कि सोनम ने उन्हें राजा की हत्या के लिए पैसे दिए थे।
इस केस में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें सोनम के अलावा मध्यप्रदेश के तीन हमलावर शामिल हैं।
राजा रघुवंशी (29 वर्ष) और सोनम रघुवंशी (25 वर्ष) की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी। शादी के नौ दिन बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलांग रवाना हुआ था। दंपति ने पहले शिलांग में कुछ दिन बिताए और फिर 23 मई को सोहरा (चेरापूंजी) के नोंग्रियाट गांव में डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने गए।
23 मई की दोपहर परिवार से आखिरी बात करने के बाद दोनों गायब हो गए थे। उनकी किराए की एक्टिवा स्कूटी 24 मई को सोहरा के पास लावारिस हालत में मिली थी, जिसमें सोनम का रेनकोट, राजा की टी-शर्ट और मोबाइल फोन मिले थे।
2 जून को राजा रघुवंशी का शव सोहरा के पास वेईसावडॉन्ग झरने की एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। शव की पहचान उनके हाथ पर बने 'राजा' टैटू से हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी, और शव के पास एक धारदार हथियार भी मिला था जिसे हत्या का हथियार माना जा रहा है। राजा की सोने की अंगूठी और चेन गायब थी।
राजा की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी की तलाश के लिए व्यापक खोज अभियान चलाया गया था। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, विशेष जांच टीम (एसआईटी), विशेष संचालन टीम (एसओटी) और स्थानीय स्वयंसेवकों सहित 50 से 60 लोगों की टीमें शामिल थीं। मेघालय सरकार ने ड्रोन और विशेष टीमों को भी तैनात किया था।
खराब मौसम, कठिन इलाके, घने जंगलों और लगातार बारिश के कारण खोज अभियान में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। सोनम के परिजनों का मानना था कि वह अभी भी जीवित है और उसका अपहरण कर लिया गया है।
आज तड़के सोनम रघुवंशी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र के एक ढाबे से मिली। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सोनम बेहद परेशान हालत में मिली थी और बोलने की स्थिति में नहीं थी। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि सोनम ने स्वयं नंदगंज थाने में सरेंडर किया था।
मेघालय पुलिस के डीजीपी "आई नोंगरांग" ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए पुरुषों ने बताया है कि सोनम ने उन्हें राजा को मारने के लिए पैसे दिए थे। यह जानकारी उन सभी अनुमानों को गलत साबित करती है जो इस केस को डकैती या अपहरण का मामला मानते थे।
मेघालय के #मुख्यमंत्री "कॉनराड के. संगमा" ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की है कि कि तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है जो मध्यप्रदेश के निवासी हैं।
जबकि राजा की हत्या और सोनम के लापता होने के बाद दोनों परिवारों ने मेघालय पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए थे। सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय सरकार और शिलांग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अगर पुलिस ने पहले दिन से ही उचित कार्रवाई की होती, तो शायद उनकी बेटी आज सुरक्षित होती।
इस मामले में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। हत्या का मुख्य कारण क्या था, योजना कब बनाई गई, और क्या अन्य लोग भी इसमें शामिल थे - ये सभी सवाल विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
राजा और सोनम रघुवंशी का केस भारतीय समाज के लिए एक चौंकाने वाली घटना है जिसने हनीमून की खुशियों को एक भयावह अपराध में बदल दिया। जो मामला पहले एक संदिग्ध हत्या और अपहरण का दिखाई दे रहा था, वह वास्तव में एक पूर्व नियोजित हत्या की साजिश निकला।

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