मनमोहन सिंह:भ्रष्ट सरकार का बेदाग मुखिया
भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व योगदान देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में एक अपूरणीय शून्य पैदा हो गया है।
डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नए रास्ते पर डालते हुए 1991 में आर्थिक उदारीकरण की प्रक्रिया को शुरू किया था, जिससे आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
मनमोहन सिंह के कार्यकाल 2004 से 2009 का समय देश में घोटालों के लिए याद किया जाता है इसी समय में टू जी ,वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर,राष्ट्रमंडल खेल,कोयला घोटाला जैसे बड़े कांड हुए ऑर मनमोहन सिंह देखते रहे बदनामी का दाग ओढ़ते रहे ।लेकिन मनमोहन सिंह के इसी कार्यकाल में टू जी घोटाले से जुड़ी राडिया टेप भी लीक हुए, लीक कैसे हुए ये अलग मुद्दा है असली मुद्दा है ये टेलीफोन किसके आदेश पर सीबीआई ने टेप किए ? निश्चित ही बिना प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश के ये फोन कॉल रिकॉर्ड हो ही नहीं सकते थे इस टेप कांड में बड़े बड़े यूपीए के बड़े बड़े नेता,पत्रकार,ओर कॉरपोरेट नंगे हो गए थे।
उनके इस कदम से सोनिया ओर राहुल भी हतप्रभ हो गए थे
भले ही देश में उनकी छवि मौनी बाबा की बनी हो लेकिन उनके नजदीकी लोग बताते है वे जिद्दी भी बहुत थे उनके इसी रुख के चलते 2009 से 2014 का कार्यकाल देश बिना किसी घोटाले के गुज़ार सका था

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