खनन माफिया बेखौफ होकर कर रहे अवैध खनन
कासगंज:जिले में अवैध खनन पर जिला प्रशासन ने अपनी ढुलमुल नीति अपनाई हुई है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील सोलंकी के नेतृत्व में हो रहे अवैध खनन पर जिला प्रशासन कार्रवाई करने में असमर्थ है।
पटियाली तहसील के कादरगंज में गंगा नदी के उस पार अवैध खनन जारी है। डीएम मेधा रूपम ने आरोपियों पर 13 लाख 80 हजार का जुर्माना लगाया था, लेकिन जिला प्रशासन आरोपियों से जुर्माना वसूलने में असमर्थ है।
आरोपितो द्वारा जारी की गई रॉयल्टी की फर्जी रसीद।
फर्जी रॉयल्टी बना लगाया जिला प्रशासन को लाखों का चूना पटियाली तहसील क्षेत्र के कादरगंज खाम में भंडारण के बहाने अवैध खनन करने वाले इन बालू माफियाओं ने जमकर चांदी काटी है, ये फर्जी रॉयल्टी बनाकर सरकार के राजस्व को जमकर चूना लगा रहे हैं,
लेकिन जिला प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान होने का ढोंग कर रहा है। आरोपियों पर कार्यवाही के नाम पर सिर्फ जांच की दुंदभी बजाने वाला जिला प्रशासन अब तक आरोपियों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन को नहीं रोक पाया है और न ही फर्जी रॉयल्टी मामले में कोई कार्यवाही की है।
खनन अधिकारी का ड्राइवर रहा है माफिया!
जिले के तहसील पटियाली इलाके में कादरगंज गंगा नदी के उस पार रवेरा रोड पर हो रहे अवैध खनन मामले में कार्यवाही न हो पाने की एक और चैंकाने वाली वजह निकल कर सामने आई है, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खनन माफिया बंटी मिश्रा कभी जिला खनन अधिकारी का ड्राइवर हुआ करता था लेकिन अवैध खनन मामले में नाम आने से कुछ दिन पूर्व हटा दिया गया था। जनवरी 2023 में पुलिस ने जब अवैध खनन मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया था तब कासगंज पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में बंटी मिश्रा को खनन माफिया बताते हुए भगोड़ा दर्शाया गया था और बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था
आरोपियों में सुशील सोलंकी, बंटी मिश्रा और गुड्डू चौहान शामिल हैं। बंटी मिश्रा पहले जिला खनन अधिकारी का ड्राइवर था। अवैध खनन मामले में उसका नाम आने के बाद उसे हटा दिया गया था।
जिला प्रशासन की ढुलमुल नीति से अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर अवैध खनन करते रहे हैं। लोगों में यह चर्चा है कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का दबाव जिला प्रशासन पर है।


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