गुजरात में फर्जी अदालत का भंडाफोड़:100 एकड़ सरकारी जमीन अपने नाम की
गुजरात के गांधीनगर में पिछले 5 सालों से चल रही फर्जी अदालत का पर्दाफाश हुआ। आरोपी मॉरिस सैमुअल क्रिश्चियन ने खुद को जज बताकर सरकारी जमीनों पर फर्जी आदेश जारी किए। यह मामला गुजरात की राजधानी गांधीनगर में सामने आया है, जहां आरोपी ने नकली कोर्ट बनाकर बतौर ऑर्बिट्रेट जज अरबों रुपए की करीब 100 एकड़ सरकारी जमीन आने नाम कर ऑर्डर पारित कर डाले।
फर्जी अदालत की गतिविधियाँ:
- विवादित जमीनों पर फर्जी मध्यस्थता के आदेश दिए गए।
- आरोपी ने वकील, क्लर्क और अदालती कर्मचारियों की भूमिका निभाई।
- फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जाली कोर्ट में पेश किए गए।
- आरोपी ने राखी वासणा इलाके में फर्जी कोर्ट लगाई थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें आईपीसी की धारा 170, 419, 420, 465, 467 और 471 शामिल हैं।
मामले की जांच:
- पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मणिनगर पुलिस स्टेशन में भी एक और मामला दर्ज किया है।
- आरोपी के खिलाफ धारा 406, 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया गया है।
- पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह मामला गुजरात की राजधानी गांधीनगर में सामने आया है, जहां आरोपी ने नकली कोर्ट बनाकर बतौर ऑर्बिट्रेट जज अरबों रुपए की करीब 100 एकड़ सरकारी जमीन अपने नाम कर ऑर्डर पारित कर डाले।

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