आगरा-फिरोजाबाद रोड पर स्थित छलेसर पर विघ्नहर्ता भगवान गणेश के नवनिर्मित अष्टकोणीय वरद वल्लभा गणपति मंदिर में 10 फुट ऊंचे और 8 फुट चौड़े स्वर्णिम आभा लिए भगवान गणपति मनमोहक सिंहासन पर विराजित है
शहर के एकमात्र दक्षिण भारतीय शैली के मंदिर, वरद वल्लभा गणपति मंदिर में गणेश उत्सव की विशेष तैयारियां की गई हैं।
मंदिर में 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाएंगे। 12 सितंबर को मंदिर में 100 किलो के मोदक का विशेष भोग प्रभु चरणों में अर्पित किया जाएगा।
मंदिर के संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना होती है। गणेश उत्सव के दौरान विशेष रूप से पूजन और अनुष्ठान किए जाएंगे।
मंदिर प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि वरद वल्लभा गणपति जी को प्रतिदिन मंदिर की रसोई में बने भोग को ही अर्पित किया जाता है, जिसमें विशेष रूप से प्रतिदिन आटे, मेवा और घी से बना मोदक अवश्य अर्पित होता है। गणेश उत्सव के दौरान 12 सितंबर को 100 किलो के मोदक का भोग वरद वल्लभा गणपति जी को लगाया जाएगा।
मंदिर की विशेषता है कि यह दक्षिण भारतीय शैली में बना हुआ है और इसकी डिजाइन अष्टकोणीय है। मंदिर के गर्भगृह में वरद वल्लभा गणपति का सिंहासन मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर से विशेष रूप से पूजा अर्चना कर लाई गईं शिलाओं पर स्थापित है।

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