56 बुलडोजरो ने सोमनाथ में सुप्रीम कोर्ट को दिखाया ठेंगा,मस्जिद-ईदगाह समेत कई अवैध ढाँचे ध्वस्त
देश के प्रतिष्ठित ज्योतिर्लिंग में से एक गुजरात के सोमनाथ मंदिर से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर सरकारी जमीन पर रहे अवैध निर्माणों को शुक्रवार देर रात से हटाया गया. देर रात भारी पुलिस प्रशासन के तैनात होने के बाद सोमनाथ में काफी लोंगो ने अफवाह फैलाई थी, जिसके बाद वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए. पुलिस ने लोगों को समझाया और सुबह 3 बजे के बाद डिमोलिशन किया गया.
गुजरात के सोमनाथ शहर में हाल ही में अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई, जिसमें प्रशासन ने अवैध रूप से बने कई मजहबी निर्माणों को भी ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में 36 बुलडोजर, 70 ट्रैक्टर-ट्रॉली, और 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। गिर सोमनाथ में विशेष रूप से समुद्री इलाकों और पूजा स्थलों के आसपास के अवैध निर्माणों को हटाने के उद्देश्य से यह मेगा अभियान चलाया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विध्वंस अभियान सुबह 5 बजे शुरू किया गया, जिसमें प्रशासन ने भारी सुरक्षा इंतजाम किए थे। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। मीडिया की एंट्री पर भी बैन लगा दिया गया था। तोड़फोड़ के लिए 36 बुलडोजर और 5 हिताची मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जबकि मलबा हटाने के लिए 50 ट्रैक्टर और 10 बड़े डंपरों को लगाया गया।
इस मेगा ड्राइव के दौरान प्रशासन ने ईदगाह और मस्जिद सहित कई अवैध मजहबी स्थलों को हटाया, जिससे कुछ स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग विरोध में एकत्रित हो गए। विरोध के बावजूद, प्रशासन ने सख्ती से स्थिति को नियंत्रण में लिया और कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सोशल मीडिया पर इस विध्वंस के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें धार्मिक स्थलों को हटाते हुए देखा जा सकता है।

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