बुआ ने गैंग रैप का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया
झांसी में एक नाबालिग लड़की के साथ चलती कार में हुए गैंगरेप मामले में नया मोड आ गया है. एसएसपी का दावा है कि पीड़िता ने परिजनों से मिलकर दो लोगों को फंसाने के लिए गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई थी. जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई तो मामला झूठा निकला.
एसएसपी के अनुसार घटनास्थल के पास मौजूद सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में पीड़िता द्वारा बताया गया चार पहिया सफेद वाहन दिखाई नहीं दिया. इसके बाद तफ्तीश की दिशा बदल दी गई. जांच में निकला कि नाबालिग शिकायतकर्ता सुबह लगभग सात बजे रिलाइंस पेट्रोल पंप के पास से ऑटो में बैठकर जेल चौराहे पर पहुंची थी. नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि जेल चौराहे से पैदल चलकर छोटी काली माता मंदिर के पास खुशीपुरा पर मौजूद मयंक ठाकुर की दुकान पर पहुंची थी. यहां से उसने आर्टिफिशियल एक जोड़ी पायल व बिछिया खरीदी तथा मयंक के मोबाइल से अपने पुरुष मित्र को कॉल करके बुलाया.में सामने आया कि नाबालिग को बुआ और उसके बेटे गांव के सोनू भार्गव तथा मनीष पाण्डेय से पैसे वसूलने के लिए गैंगरेप का मुकदमा लिखाने की बात सिखाई. इसके बाद सभी ने एकराय होकर थाना प्रेमनगर पर मुकदमा पंजीकृत कराया था. उक्त मामले में नामित अभियुक्तों की नामजदगी गलत करते हुए नाबालिग, बुआ और उसके बेटे को हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है.

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