डॉक्टर रुचिका टंडन से 2.8 करोड़ की ठगी
आजकल डिजिटल अरेस्ट का अपराध अपने चरम पर और इसमें फसने वाला समाज का प्रबुद्ध वर्ग है ताजा मामला लखनऊ का है जहां पीजीआई की डॉक्टर इस स्कैम में फंस गई।सीबीआई का फर्जी अधिकारी बन 6 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करते हुए कहा कि मनी लॉन्ड्रिग में तुम्हारा नाम आया है पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, साइबर पुलिस बैंक खाता डिटेल और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। कृष्णानगर निवासी डॉक्टर रुचिका के मुताबिक कुछ दिन पहले अंजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई एजेंसी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके सारे मोबाइल नंबर बंद किए जा रहे हैं। कारण पूछने पर बताया कि आपके सिम कार्डों पर 22 बार शिकायत की गई है, इसलिए आपसे सीबीआई के अधिकारी बात करेंगे। इसके बाद ठग ने वीडियो कॉल के जरिये राहुल गुप्ता से बात कराई, जिसने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया।जालसाज ने कहा, आपका नाम जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। साथ ही महिला व बच्चों की तस्करी के मामले में भी उनकी संलिप्तता बताते हुए गिरफ्तारी की बात कही। कार्रवाई से बचाने के बदले में शातिरों ने पांच खातों से 2.81 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।
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