लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी को शिकस्त खानी पड़ी कई नेताओं ने इसकी वजह भीतरघात को भी बताया है।
अब बीजेपी को आर एस एस की जरूरत नहीं :नड्डा
जौनपुर लोकसभा सीट से संघ को आतंकी गिरोह कहने वाले को टिकट देकर भाजपा ने अपने मातृ संगठन आर एस एस के मुंह पर थप्पड़ मारा था। बात उस समय उस समय की है जब मुंबई में 26/11 को आतंकी हमला हुआ महाराष्ट्र की कांग्रेसी सरकार में बतौर गृहराज्य मंत्री की हैसियत से कृपाशंकर सिंह मुंबई में कांग्रेसी दिग्विजय सिंह के साथ अजीज बर्नी की भगवा आतंकवाद पर लिखी एक किताब रिलीज कर था। किताब का शीर्षक और विषय था... 26/11 RSS की साजिश। यानी ये कृपाशंकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को मुंबई हमले का जिम्मेदार आतंकी गिरोह घोषित कर रहा था। इस आग में घी डाला नड्डा के आरएसएस से संबंधित बयान ने।
इसी कृपाशंकर को उत्तर प्रदेश में जौनपुर से बीजेपी के कई कद्दावर नेताओं को किनारे कर टिकट देकर आर एस एस को आइना दिखाया गया इसकी परिणित उत्तर प्रदेश में 29 सीट और मुंबई में मशहूर वकील उज्ज्वल निकम की हार के साथ चार सीट पर पराजय का स्वाद चखना पड़ा
बीजेपी को 29 सीटों का नुकसान तो उसे अकेले उत्तर प्रदेश में हुआ है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उत्तर प्रदेश में अपने दम पर 62 सीटों पर जीत मिली थी। लेकिन इस बार पार्टी 33 सीटें ही जीत सकी है। बीजेपी ने पिछली बार अपने दम पर 303 सीटें जीती थी लेकिन इस बार वह सिर्फ 240 सीटें ही जीत पायी है। बीजेपी को पिछली बार से 63 सीटें कम मिली हैं।

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