पाई-पाई जाेड़कर पायल, बिछिया जैसे चांदी के छोटे गहने खरीदने वाली महिलाएं यह जानकर हैरान हाे जाएंगी कि उनकी बचत के कराेड़ाें रुपए हर दिन ठगे जा रहे हैं। जयपुर की सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी की लैब में एक साल में विभिन्न शहराें व कस्बाें से शुद्धता की जांच के लिए लाए गए 12306 चांदी की पायल, छल्ला, कड़ा, चेन, घुंघरू, बिछिया, नेकलेस की जांच रिपाेर्ट के मुताबिक कुछ गहनाें में ताे चांदी ही नहीं थी। 90% में मानक से कम पाई गई।
बता दें, आजकल बाजार में बिकने वाले चांदी के 66 फीसदी जेवरों में 60 से 70 फीसदी तक जस्ता व एल्युमिनियम की मिलावट की जा रही है। कुछ ज्वैलर ताे गिलट के गहने चांदी के बताकर बेच रहे हैं। आगरा, मथुरा, नाथद्वारा व राजकाेट से चांदी के मंगलसूत्र, चूड़ियां, लौंग, पायजेब, चेन, एंकलेट मंगाए जा रहे हैं। ये गहने बेचने पर आधा पैसा भी नहीं मिलता।

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