उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में करीब चार हजार छात्रों के भविष्य पर संकट पर गहराया हुआ है. हाजीपुर इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी के कई बार विवादों में फंसे होने के कारण जब्त कर ली गई है. इस यूनिवर्सिटी में अलग-अलग कोर्सेस में 4 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया था. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या स्टूडेंट्स को किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में शिफ्ट किया जाएगा या फिर उनका साल बर्बाद होगा.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बहुजन समाज पार्टी के फरार पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रर्वतन निदेशालय ने हाजी इकबाल की 4 हजार करोड़ से अधिक संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई अवैध खनन के मामले में हुई है। ईडी ने 121 एकड़ जमीन और ग्लोकल यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग को जब्त कर लिया है। इस यूनिवर्सिटी का संचालन मोहम्मद इकबाल के परिवार के सदस्यों द्वारा किया जा रहा था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने आखिरी बार कुर्की आदेश जारी किया था, जिसके बाद जांच एजंसी ने 121 एकड़ जमीन और ग्लोकल यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग को जब्त कर लिया है। ईडी का कहना है कि ग्लोकल यूनिवर्सिटी का संचालन अब्दुल वहीद एजुकेशनल और चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा किया जा रहा था। इन पर मोहम्मद इकबाल और उनके परिवार के लोगों का कंट्रोल था। जानकारी के मुताबिक, पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल लंबे समय से फरार है। माना जा रहा है कि वह दुबई में है। इसके अलावा मोहम्मद इकबाल के चार बेटे हैं। उसके बेटे और भाइ के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जिसके चलते वे जेल में सजा काट रहे है
जानकारी के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला यूपी के सहारनपुर में रेत खनन घोटाला मामले से जुड़ा है। ईडी ने 10 वर्ष पहले इकबाल के खिलाफ CBI द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि सभी खनन फर्मो का स्वामित्व और संचालन मोहम्मद इकबाल के पास था। इकबाल और उसके करीबियों की कंपनियां और फर्में सहारनपुर और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवध खनन में शामिल थीं। ईडी के मुताबिक, ITR में मामूली आय दिखाकर इकबाल और उसके करीबियों के बीच करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया, जबकि इन कंपनियों से उनका कोई कारोबारी संबंध नहीं था।
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