लगेगा ताला या खुलेगा तिजोरी का ताला,117 हॉस्पिटल-क्लीनिक और लैब के नवीनीकरण आवेदन रद्द किए,
ताजनगरी में किराए की डिग्री पर चिकित्सा संस्थान चल रहे हैं. ये चौंकाने वाला खुलासा नवीनीकरण के दिए गए आवेदनों की जांच में हुआ है.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पिछले वर्ष 2023 में एक डॉक्टर के नाम से 50 से अधिक हॉस्पिटल और लैब संचालित होने का खुलासा किया था.
2022 में भी आगरा में स्वास्थ्य विभाग की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था. दरअसल ताजनगरी में 28 डॉक्टरों के नाम पर 90 अस्पताल और पैथलॉजी रजिस्टर्ड पाए गए थे.तब भी सीएमओ ने ऐसे डॉक्टरों को नोटिस जारी किया था
ये चौंकाने वाला खुलासा नवीनीकरण के दिए गए आवेदनों की जांच में हुआ है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ऑनलाइन आवेदन मांगे तो एक डॉक्टर के नाम से कई हॉस्पिटल, डिग्री दर्ज न करने जैसी गड़बड़ियां मिलीं. अब इन पर ताला लगेगा या तिजोरी का ताला खुलेगा. इसके साथ ही जिले में 383 हॉस्पिटल और लैब की जांच की जा रही है. जिनके मानक पूरे होने पर ही पंजीकरण किए जाएंगे. जिन 383 हॉस्पिटल के प्रोविजनल पंजीकरण किए गए हैं. विभाग उनका भी फायर आडिट कराने की तैयारी में है.
आगरा सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि नए सत्र 2024-25 में लाइसेंस पंजीकरण व लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 1372 चिकित्सकीय संस्थानों से ऑनलाइन आवेदन किए गए. इसमें 1256 चिकित्सा संस्थान के लाइसेंस नवीनीकरण और बाकी के नए पंजीकरण के आवेदन थे. जब विभाग ने आवदेनों के साथ अपलोड किए प्रमाणपत्रों की के ऑनलाइन जांच और भौतिक सत्यापन किया तो पूरा खेल पकड़ में आया है. इसमें 90 फीसदी नॉन मेडिको के हैं. इसके बाद विभाग ने 117 चिकित्सा ईकाइयों के आवेदन निरस्त किए हैं. जिनमें 69 हॉस्पिटल, 22 क्लीनिक, 21 पैथोलॉजी लैब और 5 डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं. स्क्रीनिंग में एक डॉक्टर के नाम से एक से अधिक हॉस्पिटल का पंजीकरण, एक हॉस्पिटल के नाम से कई आवेदन मिले. डॉक्टर की डिग्री, बेड की संख्या, सुविधाएं, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टॉफ का ब्योरा दर्ज नहीं मिला है. कई ने डुप्लीकेट प्रमाणपत्र भी जमा किए हैं.

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