...........तो हर साल करना होगा 180 दिन काम, बढ़ जाएंगे काम के घंटे, घट जाएगी टेक होम सैलरी; जानें- क्या-क्या होंगे बदलाव?
नए श्रम कानून लागू होने पर आपको 240 दिन के बजाय साल भर में 180 दिन ही काम करना होगा. लेकिन हर रोज आपको 9 घंटे के बजाय 12 घंटे काम करना पड़ेगा. यही नहीं आपकी टेक होम सैलरी भी कम हो जाएगी. लेकिन पीएफ में योगदान बढ़ जाएगा.
नए कोड के लागू होने पर काम के घंटों से लेकर आपके हाथ में आने वाले वेतन लेकर रोजगार और कार्य संस्कृति से संबंधित कई तरह के बदलावों के बारे में चर्चाएं की जा रही हैं.
चार नियमों को दिया गया अंतिम रूप
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने श्रम संहिताओं के तहत चार नियमों को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे सुधारों को जल्द ही लागू करने के लिए अधिसूचित करके एक वास्तविकता बनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति (OSH) पर चार व्यापक कोड राष्ट्रपति की सहमति के बाद पहले ही अधिसूचित किए जा चुके हैं. लेकिन इन चार संहिताओं को लागू करने के लिए नियमों को अधिसूचित करने की आवश्यकता है.
बढ़ जाएंगे काम करने के घंटे
नए लेबर कोड के लागू होने के बाद, नियमित काम के घंटे वर्तमान में 9 घंटे से एक दिन में 12 घंटे हो सकते हैं. यदि कोई कंपनी 12 घंटे की शिफ्ट का विकल्प चुनने का निर्णय लेती है, तो कार्य दिवसों को सप्ताह में 4 दिन 3 अनिवार्य अवकाश के साथ सीमित करना होगा. कुल मिलाकर, सप्ताह के कुल काम के घंटे 48 घंटों पर अपरिवर्तित रहेंगे
छुट्टी के लिए पात्रता
पहले कानूनों में छुट्टी मांगने के लिए एक वर्ष में कम से कम 240 कार्य दिवसों के लिए काम करने की आवश्यकता होती थी. अब इसे घटाकर 180 कार्य दिवस कर दिया गया है.
चार दिवसीय कार्य सप्ताह
नये लेबर कोड के तहत, नियोक्ता अपने कर्मचारियों को सप्ताह में पारंपरिक पांच दिन के बजाय सप्ताह में चार दिन काम करने की अनुमति दे सकते हैं. लेकिन जो कर्मचारी चार-दिवसीय कार्य सप्ताह का विकल्प चुनते हैं. उन्हें काम में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाई देगी, क्योंकि वे अब प्रतिदिन 12 घंटे काम करेंगे.
टेक-होम सैलरी हो जाएगी कम
कर्मचारियों के पीएफ योगदान और नियोक्ता के बढ़ने से टेक-होम वेतन कम हो जाएगा. नए कोड के तहत, भविष्य निधि योगदान को सकल वेतन के 50 प्रतिशत के अनुपात में होना आवश्यक
2020 में मिली दोनों सदनों से मंजूरी
वेतन पर संहिता 2019 में संसद द्वारा पारित की गई थी, जबकि तीन अन्य संहिताओं को 2020 में दोनों सदनों से मंजूरी मिली थी. मंत्रालय सभी चार संहिताओं को एक बार में लागू करना चाहता है. नियम बनने के बाद अब एक बार में चार कोड अधिसूचित किए जा सकेंगे.

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