राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस आयोजित किया
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच आगरा चैप्टर के तत्वावधान में आज 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में स्टार किडस् पब्लिक स्कूल ,आवास विकास कालोनी,आगरा के सभागार में एक बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का संचालन डा.डी.एस.तोमर ने किया।
संगोष्ठी का शुभारंभ सरस्वती देवी व सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर अतिथियों के द्वारा माल्यार्पण के साथ हुआ।
इस अवसर पर संगोष्ठी के विषय का बीज वक्तव्य पूर्व असिस्टेंट कमांडेंट श्री राघवेंद्र सारस्वत दिया। उन्होंने बताया कि सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म 32 अक्टूबर 1875 में नाडियाड ,गुजरात के एक किसान परिवार मे हुआ था तथा 75 वर्ष की आयु के पश्चात आप 15 दिसंबर 1950 को गोलोकवासी होगये।
उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से ही शुरु हुई तथा लन्दन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढाई की थी। उन्होंने वापस आकर अहमदाबाद में वकालत की तथा महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लिया। में कार्य किया।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विधायक श्री पुरूषोत्तम खंडेलवाल ने कहा की राष्ट्रीय एकता के लिए व्यक्तिगत चरित्र निर्माण की बहुत आवश्यकता है और देश राजनीति से उठकर राष्ट्रनीति से संचालित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस साल सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती है। दरअसल, स्वतंत्र भारत के उपप्रधानमंत्री एवं ग्रहमंत्री रहे सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपने राष्ट्रीय अथक प्रयासों से लगभग 560 रियासतों को भारत संघ में एकीकृत करने में अहम भूमिका निभाई थी । राष्ट्र को एकजुट करने के लिए सरदार पटेल के किये गये प्रयासों को स्वीकार करने के लिए भारत सरकार के द्वारा सन् 2014 से उनकी जयंती पर प्रतिवर्ष इस दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है।
भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान के बारे में बोलते हुए नासा के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. आनंद राय ने कहा की जब कभी वह न्यूयोर्क स्थति संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय से गुजरते तो वहां पर लगे सैंकड़ों झंडों के बीच लौहपुरुष के व्यक्तित्व के साथ लौह स्तम्भ पर भारतीय तिरंगा झंडा विश्वपटल पर अपनी उन्नत भारतीय संस्कृति के साथ राष्ट्रीय एकता व अखण्डता को महसूस कराता है।
डॉ. योगेश्वर सिंह , पूर्व निदेशक (मत्स्य)कृषि मंत्रालय ने कहा की भारत विभिन्न धर्म, परम्पराओ और भाषाओ के साथ विविधताओं से परिपूर्ण देश है । जिसमें राष्ट्र की एकता को बनाए रखना हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण योगदान है।
आगरा चैप्टर के कर्नल डॉ. राजेश चौहान ने अपने मुख्य वक्तव्य मे फ़ौज के योगदान पर चर्चा करते हुए कहा की स्वतंत्रता और सुरक्षा का उपयोग राष्ट्रीय हित में होना चाहिए । हम सभी को राष्ट्रीय सुरक्षा जागरूकता अभियान तहत सतर्क रहना है कि निजी हितों में राष्ट्रीय शक्तियों का दुरुपयोग कोई न करने पाये ।
इस उपलक्ष्य पर बोलते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कम्पनी कमांडर बी.एस.एफ श्री गौरी शंकर सिकरवार जी ने कहा लौहपुरुष सरदार बल्लभभाई पटेल के सपनों का भारत बनाने के लिए सभी राष्ट्रीय विषय वस्तुओं को नए तरीके से परिभाषित करने की आवश्यकता है।
संगोष्ठी का सार संक्षेपण इंजी. दिवाकर तिवारी ने किया तथा आयोजन व संयोजकत्व डा. दीपक छौकर व इंजी. अभिषेक शुक्ला ने किया।
संगोष्ठी में बैनारा उद्योग के जी.एम. इंजी. हरीओम शुक्ला , श्री टी.पी.सिंह , श्री गजेंद्र शर्मा , डा.घनश्याम सिंह , श्री शैलेन्द्र शर्मा, डा.पंचशील शर्मा , आदि ने विचार प्रकट किये।
संगोष्ठी मे सर्वश्री रतीश शर्मा, क्षेत्रीय पार्षद दीपक अग्रवाल, डा.ए.के. कुलश्रेष्ठ ,आशीष गौतम , रवि करोतिया , रोहित कुमार , प्रदीप शर्मा, मनीष अग्रवाल , प्रदीप कौशिक , सुधांशु खंडेलवाल , सुधीर शर्मा , सुरेश राजपाल , अनुज तिवारी , अन्नू दुबे , नागेश शुक्ल , आकांश , प्रकाश , अमेन्द्र सिंह , ज्ञानेंद्र सिंह , प्रदीप कौशिक आदि की उपस्थित सराहनीय रही।
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