तत्कालीन जिलाधिकारी गौरव दयाल की गैर शासकीय कार्यों एवं निजी स्वार्थों में लिप्त रहने की टिपण्णी के साथ स्थानांतरित लिपिक आज शान से अपना स्थानांतरण आगरा करा लाया जबकि लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है
प्राइवेट आई टी आई एसोसिएशन एवं पूर्व विधायक द्वारा लिपिक के कारनामे की शिकायत
प्राइवेट आई टी आई एसोसिएशन एवं पूर्व विधायक द्वारा लिपिक के कारनामे की शिकायत पर आगरा के तत्कालीन जिलाधिकारी गौरव दयाल के आदेश में स्पष्ट रूप से इनके गैर शासकीय कार्यों एवं निजी स्वार्थों में लिप्त रहने की टिपण्णी के साथ तत्कालीन प्रधानाचार्य ने इसके तुरंत स्थानतारणके आदेश दिए थे तब तत्कालीन प्रधानाचार्य द्वारा निदेशालय के पत्र संख्या 1501/एक/टी-1/0903 स्थानांतरण/व.स/2018 दिनाक 25 मई 2018 के द्वारा प्रशासनिक आधार पर मो. अफरोज का स्थानानतरण राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एत्मादपुर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भिंगा, श्रावस्ती के लिए किया गया था।
परन्तु लिपिक दबंगई के बल पर एत्मादपुर आईटी एत्मादपुर शाखा में वरिष्ठ सहायक पद पर तैनात मोहम्मद अफरोज का तबादला 5 मई 2018 को आगरा से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भिन्गा श्रावस्ती कर दिया गया था। तबादला आदेश को करीब ढाई साल बीत जाने के बाद मोहम्मद अफरोज साठगांठ और दबंगई के बल पर एत्मादपुर शाखा में अब भी ड्यूटी कर रहा था। जबकि दबंग बाबू मो. अफरोज की सेलरी श्रावस्ति से ही लगकर आती
दबंग के सामने राजकीय आई टी आई के प्रधानाचार्य भी असहाय
मो. अफरोज की तैनाती के बारे में जो भी फैसला है वो विभाग के उच्चाधिकारियों का है। जब तक ऊपर से आदेश नहीं आयेंगे अफरोज की तैनाती के मामले में कोई फैसला नहीं लिया जा सकता।आशीष दुबे, प्रधानाचार्य आईटीआई कॉलेज
अफरोज पर लगे है गबन व ब्लैकमेलिंग के आरोप
मो. अफरोज पर गबन और ब्लेकमेलिंग के लग चुके हैं आरोप
मो. अफरोज आगरा जिले में 18 से अधिक वर्ष से तैनात है और सरकारी कार्यालय में कार्य करने के साथ ही वह अवैध रूप से प्राइवेट आईटीआई के लिए खंदारी में ऑफिस चलाता है। खदारी स्थित अपने ऑफिस पर अफरोज प्राइवेट आईटीआई का कम्प्यूटर का कार्य भी करता है। अफरोज पर आरोप लगे हैं कि वह प्राईवेट आईटीआई में प्रत्रकारों को भेजकर कर्मचारियों को ब्लेकमेल करवाता है और उनका शोषण करता है। इसके साथ ही अफरोज पर 5,50,000 रुपये की धनराशी का गबन करने का आरोप भी लग चुका है। मो. अफरोज ने मां वैष्णो देवी आईटीआई कॉलेज के विनोद कुमार से कार्यालय बनाने के लिए 5 लाखा 50 हजार रुपये एक माह के लिए लिए थे। जिसके एवज में चेक दिया था, जो दो बार बाउंस हो चुका है। पीड़ित ने अफरोज को कई बार नोटिस भेजा, लेकिन जब उसका पैसा वापस नहीं मिला तो उसने कोर्ट से अफरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।
प्राइवेट आई टी आई एफिलेशन का मास्टरमाइंड
मोहम्मद अफ़रोज़ के काले हुनर एवं वशीकरण तंत्र के सामने शिक्षा विभाग के बड़े अफसर दुम दबाये रहते है परन्तु लिपिक अफ़रोज़ ने अपनी दबंग छवि एवम शिक्षा विभाग के परजीवी अधिकारियों से बनाये रिश्तों के बल बूते पर अब भी यहां वह केवल सबसे दुधारू सीट प्राइवेट आई. टी. आई के अफिलेशन एवम परीक्षा के काम के नाम पर प्राइवेट आई टी आई के संचालकों एवम छात्रों का शोषण करते हुए अवैध उगाई में लिप्त रहते है अपने काले कारनामो को अंजाम दे रहे है

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