भारत में कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ चुकी है। देशभर में बुरी तरह तबाही मचाने वाली कोरोना की दूसरी लहर से अब सुखद खबरें मिलने लगी है। अप्रैल और मई माह में देश में कोरोना की इस लहर ने जबरदस्त तबाही मचाई। रोजाना के मामले लगभग 4 सवा लाख के आंकड़े को छुए तो मौतों का स्तर भी 4500 तक पहुंचा। मगर अब स्थितियां नियंत्रित हो चुकी हैं। 20 जून को देशभर में कोरोना के 53,256 मामले सामले आए। यह आंकड़ा 24 मार्च के बाद सबसे कम है। देश का रिकवरी रेट भी बढ़कर अब 96.36 प्रतिशत पर पहुंच चुका है। साप्ताहिक पाॅजिटिविटी रेट लगातार 14 दिनों से 5 प्रतिशत से कम बनी हुई है। वहीं वर्तमान में यह गिरकर 3.32 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। 88 दिन का यह सबसे कम आंकड़ा है।
मार्च माह के तीसरे सप्ताह में अचानक से देश में हावी हुई दूसरी लहर थोड़े समय में ही नियंत्रित हो गई। कोरोना की इस दूसरी लहर ने देश को नुकसान तो काफी पहुंचाया। मगर अच्छी बात यह रही कि यह जितनी तेजी से बढ़ी उतनी ही तेजी से नीचे भी उतर गई। इससे लगभग 2 महीने का ही समय ऐसा रहा जिसमें लागों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दूसरी लहर: भारत में कोरोना की दूसरी लहर मार्च के तीसरे सप्ताह से परवान चढ़ने लगी। 24 मार्च को देश में जब कोरोना के मामले 50 हजार पार हो गए तब सरकारों और सिस्टम की आंख खुली। बेखौफ हो चुके लोगों में भी एक बार फिर कोरोना का खौफ जगा।
- 24 मार्च को देश में कोरोना के 53,476 मामले दर्ज हुए, साल 2021 और दूसरी लहर में पहली बार कोरोना का आंकड़ा 50 हजार के पार हुआ।
- यहां से मामले तेजी से बढ़ना शुरू हुए और महज 43 दिनों में यह आंकड़ा पीक तक पहुंच गया।
- 6 मई को देश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक आया जब 4,14,188 मामले 24 घंटे में सामने आए।
- 50 हजार के आंकड़े से पीक तक आने में यानी लगभग 8 गुना मामले बढ़ने में महज 43 दिन लगे।
- 6 मई को 4.14 लाख केस आने के बाद मामलों में कमी आना शुरू हुई और ग्राफ तेजी से नीचे आने लगा।
- 20 जून को यह आंकड़ा कम होकर 53,256 पर पहुंचा। यानी मामलों में लगभग 8 गुना तक कमी आ गई।
- पीक यानी 6 मई से 50 हजार के नजदीक पहुंचने में भी 45 दिन का ही समय लगा।
- यानी कोरोना की दूसरी लहर जितनी तेजी से बढ़ी उतनी ही तेजी से नीचे भी आ गई

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