शिवसेना सासंद संजय राउत कंगना के साथ जुबानी जंग में भद्दी और अपमानजनक भाषा पर उतर आए है। उन्होंने कंगना को "हरामखोर लड़की" कहा है।
संजय राउत ने इस मामले को महाराष्ट्र और शिवाजी महाराज की अस्मिता से जोड़ दिया है। वैसे जब भी राजनीतिक लोगों के हाथ से लड़ाई निकलती दिखती है। तब वे तुरंत प्रभाव से उसे देश, राज्य, और आम लोगों के साथ जोड़ देते है। इससे खुद की लड़ाई में आम लोगों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते है। सहानुभूति बटोरते है।
कुछ दिन पहले मुम्बई की अस्मिता पर हैशटैग चलाए गए थे। कंगना को काफी ज्ञान दिया गया। स्टारकिड सोनम कपूर ने तो कंगना की तुलना सुअर से की थी। लेकिन अब कोई नहीं ज्ञान दे रहा है। सिर्फ दिया मिर्जा कंगना के समर्थन में उतरी है। संजय राउत को माफी मांगने को कहा है। वही राउत "शर्त" के साथ माफी मांगने पर विचार करेंगे।
कंगना लगातार मुम्बई पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मुखर होकर खड़ी है। उन्होंने सुशान्त सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड, मुम्बई प्रशासन, मूवी माफिया सबको ले धरा है।
कंगना रनौत ने शनिवार को ट्वीट करते हुए कहा, "साल 2008 में मूवी माफिया ने मुझे एक साइको घोषित कर दिया था। इतना ही नहीं 2016 में उन्होंने मुझे एक चुड़ैल कहा और 2020 में महाराष्ट्र के मंत्री ने मुझे हरामखोर लड़की का खिताब दे दिया। इन सभी लोगों ने मेरे साथ ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैंने कहा कि सुशांत की हत्या के बाद से मैं मुंबई में असुरक्षित महसूस करती हूं। इस वक्त डिबेट करने वाले योद्धा कहां हैं?"
जबकि शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने कंगना को 'मुंह तोड़ने' की धमकी दी। अब इस विवाद में राष्ट्रीय महिला आयोग भी आ गया है। कंगना को क्लीनचिट देते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। आयोग की अध्यक्ष ने मुंबई पुलिस आयुक्त एसके जायसवाल को पत्र लिखकर कहा है कि ज़िम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का आयोग ने संज्ञान लिया है। पुलिस सख्त कानूनी कार्यवाही करे और आयोग को सूचित करें।
साथ ही उन्होंने कंगना के खिलाफ हमलावर शिवसेना की विचारधारा पर भी सवाल उठाए।
कंगना के प्रशंसकों ने पूछा हैं कि इस मुद्दे पर "नारीवादी गैंग कहाँ गई? जो हर छोटे-छोटे मुद्दों पर खड़ी नजर आती थी। देश को सिर पर उठा लेती थी। आज क्या हो गया? कंगना आपके फॉर्मेट में सेट नहीं होती है, इसलिए अब वो गैंग गायब हैं।"
प्रशंसको और सुशांत के पक्ष में खड़े लोगों ने आरोप लगाया हैं कि महाराष्ट्र सरकार ने खुद की आत्मा को बेच दिया हैं और ट्विटर पर कंगना के पक्ष में कई हस्तियां आकर खड़ी हो गयी हैं।
ट्विटर यूजर्स ने लिखा हैं कि "कंगना को हरामखोर लड़की बोल दिया। कोई बवाल नहीं हुआ। एक एंकर ने सिर्फ सोनिया गांधी का वास्तविक नाम भर ले लिया था। तब मुम्बई में उसके खिलाफ दर्जनों एफआईआर हो गई। उसे थाने बुलाकर घण्टों पूछताछ कर डाली।"
कल महाराष्ट्र के बीजेपी नेता ने कंगना के बयान को उनका निजी बयान बताकर यह कहा हैं कि बीजेपी का इससे कोई लेना देना नहीं हैं वहीं दूसरी तरफ हरियाणा सरकार के गृह मंत्री अनिल विज ने कंगना का समर्थन किया हैं। उन्होंने कहा हैं कि "मुम्बई किसी के बाप की और किसी परिवार की जागीर नहीं हैं जो किसी को भी वहां आने से रोक दिया जाए। ऐसा बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए । आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि "महाराष्ट्र सरकार किसी को सच बोलने से नहीं रोक सकती हैं।"
ओम लवानियां
वरिष्ठ कंटेंट एडिटर

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