एक इंटरव्यू में सुशांत ने कहा था, "मुझे फ़िल्में नहीं मिलेंगी तो मैं टीवी करना शुरू कर दूंगा और अगर टीवी नहीं मिलेगा तो थिएटर की तरफ़ लौट जाऊँगा. थिएटर में मैं 250 रुपए में शो करता था. मैं तब भी ख़ुश था क्योंकि मुझे अभिनय करना पसंद है. ऐसे में असफल होने का मुझे डर नहीं है."हँसते , मुस्कराते , खुशमिजाज़ सितारा सुशांत सिंह राजपूत कब डिप्रेशन में चले गए और मौत को गले लगा लिया यह एक खबर बन गयी
तालाबंदी के समय में यह तीसरी खुदकुशी है.
पहले एक महिला कलाकार और दूसरे पुरूष ने खुदकुशी कर ली.
वजह वही काम न मिलना.
कलाकार चकाचौंध और दिखावे के चक्कर में कर्ज के चक्कर व्यूह में फंस जाते हैं.
इंडस्ट्री का यह स्याह पहलु है.
जिंदा रहने की पहली शर्त ही काम मिलते रहना है.
और भी अनगिनत खुदकुशीयां होंगी.जिनकी चर्चा नहीं हो पाई होगी.
हम सब गलत कर रहें भाई।सक्सेस का प्लान सबके पास है failure से कैसे डील करना कोई बात ही नही करता।।
अपने करीबी , अपने आसपास के लोगो का ख्याल रखिये .कौन किस बात से परेशान है , दुखी है , भावुक है , डिप्रेशन में है जानिए पहचानिये ..उन्हें ढांढस दे ..समय बड़ा खराब है ...

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