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शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

पी चिदंबरम: क्या कानून की नजर में भी सब समान होने के बजाय आम और खास होते हैं?.

 INX Media मामले में दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के बड़े  नेता पी चिदंबरम को 19 सितंबर तक के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया है चिदंबरम को तिहाड़ जेल में वेस्टर्न टॉयलेट, अलग बैरक, चश्मा, दवाएं और सुरक्षा सहित  सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की इजाजत दे दी. अब उनको कोर्ट के आदेश और जेल मैनुअल के मुताबिक तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. एक बार फिर से ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या जेल में भी आम और खास में फर्क होगा? क्या कानून की नजर में भी सब समान होने के बजाय आम और खास होते हैं. तो इसका जवाब हां में हैं. क्योंकि ये पहला मामला नहीं है जब जेल में विशेष कैदियों को विशेष सुविधाएं दी जा रही है. बल्कि सहारा के सुब्रत रॉय ,अमर सिंह, कनुमोझी और मनु शर्मा जैसे  ऐसे ढेर सारे उदाहरण हैं जब कैदियों को जेल में भी जेल के मेहमान जैसी सुविधाएं दी गयी हैं.
पैसे से जेल में भी खरीद सकते हैं 'आजादी'!
तिहाड़ जेल के प्रभावशाली  कैदियों के लिए विशेषाधिकार की कहानियां पहली बार तब सामने आईं थीं जब 1978 में मारुति उद्योग विवाद को लेकर श्रीमती इंदिरा  गाँधी के पुत्र  नेता संजय गांधी को 30 दिन जेल की सजा सुनाई गई थी. तब उनपर जेल से ही सरकार चलाने के आरोप लगे थे. उन्हें घर जैसी तमाम सुविधाएं दी गयी थी. इसके अलावे हाल के वर्षों में राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में जेल गए सुरेश कलमाड़ी, 2जी घोटाले में जेल गए ए राजा, शाहिद बलवा और विनोद गोयनका, पप्पू यादव, क्रिकेटर एस श्रीसंत समेत तमाम वीआईपी कैदियों ने वीआईपी सुख-सुविधाओं का आनंद लिया था. जिसमें टीवी, अखबार, मिनरल वाटर से लेकर फाइव स्टार होटलों से मंगाया गया खाना तक दिया जाता था. इसमें कई सुविधाएं जेल अधिकारियों को पैसे देकर अवैध रुप से भी हासिल की गई |तिहाड़ से जुड़े सूत्र बताते है कि हथेलियों में पैसे रखकर जेल में आज़ादी खरीदी जा सकती है.  कैदियों को आसानी से शराब, सिगरेट, घर में पका हुआ भोजन, मोबाइल फोन, एयर कंडीशनिंग, टीवी समेत तमाम विलासिता वाली चीजें हासिल की जा सकती है. इसी तरह 2002 में वरिष्ठ पत्रकार इफ्तिखार ने 'जेल में कटे वो दिन' किताब लिखी थी. जिसमें उन्होंने लिखा था कि जेल के अंदर रिश्वत सबसे सुरक्षित शर्त है. पैसा आपको घरेलू मदद लेने, घर का खाना खाने में मदद कर सकता है और यह सुनिश्चित कर सकता है कि अधिकारियों द्वारा आपके साथ अच्छा व्यवहार हो. यह अंदर की एक अलग दुनिया है.

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