में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव अपनी पुरानी फॉर्म में नजर आए. उन्होंने जिस तरह से आजम खान के खिलाफ रामपुर जिला प्रशासन की कार्रवाई को सियासी जामा पहनाया, उसे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव काफी कोशिश के बाद भी अब तक नहीं कर पाए थे.
दरअसल आजम खान के खिलाफ रामपुर जिला प्रशासन की तरफ से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 9 अगस्त को रामपुर में जिला प्रशासन को घेरने का आह्वान किया था. उन्होंने आसपास के सभी जिलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को रामपुर कूच करने का फरमान जारी किया था. लेकिन रामपुर प्रशासन की मुस्तैदी के आगे सपा का ये शक्ति प्रदर्शन फ्लॉप शो साबित हुआ. जिसकी वजह खुद अखिलेश यादव की इस प्रदर्शन से दूरी को माना गया. अखिलेश ही नहीं सपा के तमाम बड़े नेता रामपुर नहीं पहुंचे और नेतृत्वहीन सपा कार्यकर्ता छिटपुट प्रदर्शन में सिमट कर रह गए.
इधर आजम पर कार्रवाई लगातार जारी है, अब आजम खान पर कुल 78 केस दर्ज हो चुके हैं. इनमें चोरी, जमीन कब्जाने, डकैती की तमाम धाराओं के तहत मुकदमे शामिल हैं. अपने पुराने करीबी दोस्त आजम के लिए मुलायम सिंह यादव ने अब खुद मोर्चा संभाल और ढाई साल बाद प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया. अपने संबोधन में मुलायम एक मझे हुए राजनीतिज्ञ की तरह नजर आए. उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में आजम खान के मुद्दे को सियासी रंग देते हुए सपा कार्यकर्ताओं से आंदोलन की अपील कर डाली. इतना ही नहीं कि वे खुद मैदान में उतरेंगे. साथ ही मुलायम ने अपने अंदाज में बीजेपी को घेरते हुए कहा कि आजम के खिलाफ कार्रवाई पर बीजेपी के ही कुछ नेता कह रहे हैं कि इससे बीजेपी को नुकसान होगा.

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