लिंचिंग की घटनाओं से संबंधित सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए आजम खान ने कहा, 'यह मुसलमानों को 1947 के बाद की सजा मिल रही है। जो भी किया जाएगा मुस्लिम लोग उसका सामना करेंगे। हमारे पूर्वज पाकिस्तान क्यों नहीं गए? यह सवाल मौलाना आजाद, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और बापू से पूछें। उन्होंने मुसलमानों से वादे किए थे।' आजम खान ने कई सवाल दागते हुए पूछा कि मुस्लिमों से इतने वादे क्यों किए गए?
आजम ने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें लोकसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को हराने की सजा दी जा रही है। आजम ने अपनी तथा जौहर विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने की रामपुर के जिलाधिकारी की साजिश करार दिया है। समाजवादी पार्टी ने भी आजम खान के खिलाफ लगे आरोपों को फर्जी बताया है। यूपी विधान परिषद के मानसून सत्र के दौरान सपा सदस्यों ने जमकर इसका विरोध किया और कहा कि आजम खान का उत्पीड़न किया जा रहा है। सपा सदस्यों ने इस मामले की जांच के लिए एक सर्वदलीय समिति बनाने को कहा है।

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