प्रशांत की पत्नी की तरफ से दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'किसी की राय अलग-अलग हो सकती है, उन्हें (प्रशांत) को शायद उस ट्वीट को लिखना नहीं चाहिए था, लेकिन उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया.'
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को 'एक ट्वीट के लिए 11 दिन तक जेल में नहीं रखे सकते हैं.' सुप्रीम कोर्ट ने 'यूपी सरकार से कहा कि यह कोई हत्या का मामला नहीं है.' अदालत ने कहा कि 'मजिस्ट्रेट का ऑर्डर सही नहीं है. उसे तुरंत रिहा किया जाना चाहिए.'
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