सेवा ही धर्म है: राष्ट्र सेविका समिति का सूर्य सृष्टि पर्व पर विशेष आयोजन
जागरूकता अभियान
सफाई कार्य के साथ-साथ समिति की बहनों ने वहां उपस्थित लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास किया। उन्हें समझाया गया कि वे नदी में पॉलिथीन और अन्य प्रदूषणकारी पदार्थ न डालें। इसके बजाय, मिट्टी के बर्तनों को तोड़कर मिट्टी में मिलाने और फूलों को खाद बनाने का सुझाव दिया गया।
हिंदू सनातन धर्म और प्रकृति
राष्ट्र सेवा समिति धार्मिक एवं संपर्क विभाग प्रमुख मीनाक्षी ऋषि ने कहा कि हिंदू सनातन धर्म एक जीवन जीने की पद्धति है, जिसमें प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहार और उत्सव केवल धार्मिक नहीं होते, बल्कि उनका एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी होता है।
सेवा कार्य के प्रति प्रतिबद्धता
राष्ट्र सेविका समिति सह प्रांत सेवा प्रमुख सुश्री वंदना सक्सेना ने कहा कि सेवा कार्य करना हमारा धर्म है और हम इसके लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में सेवा को सर्वोपरि माना गया है और हमें इस आदर्श को अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
सफल आयोजन
इस आयोजन में राष्ट्र सेविका समिति की बहनों ने अपना पूर्ण योगदान दिया। पूनम सिंह, सुनीता चतुर्वेदी सहित कई अन्य बहनों ने इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही, सफाई कर्मी बंधुओं का भी विशेष योगदान रहा, जिनके बिना यह कार्य संभव नहीं था।
इस आयोजन के माध्यम से राष्ट्र सेविका समिति ने एक बार फिर से सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।

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