यूपी में एनकाउंटर के पितामह मुलायम सिंह यादव : विपक्ष के निशाने पर योगी सरकार
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के दौर में पुलिस कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. बहराइच हिंसा में रामगोपाल मिश्रा को गोली मारने के आरोपी सरफराज और तामील भी मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस पर सुप्रीमो सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं. अखिलेश ने इसे सरकार की नाकामी को छिपाने का एक सहारा बताया.
योगी सरकार के दौरान हुए इतने एनकाउंटर
ये पहली बार नहीं है जब यूपी की योगी सरकार पर ऐसे सवाल उठे हैं. इससे पहले भी कई मौकों पर विपक्ष ने योगी सरकार को एनकाउंटर के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा किया है. योगी सरकार के साढ़े सात साल के कार्यकाल में 12 हजार से अधिक बार पुलिस और अपराधियों में एनकाउंटर हुआ है. इनमें करीब 210 अपराधियों/आरोपियों को ढेर किया गया. इन एनकाउंटर में 17 पुलिसवाले शहीद हुए हैं
यूपी में किस मुख्यमंत्री के राज में सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुए?
उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर के आंकड़े
मुलायम सिंह यादव सरकार (2003-2007) में 499 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए।
मायावती सरकार (2007-2012) में 261 अपराधी मारे गए।
अखिलेश यादव सरकार (2012-2017) में 40 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए।
योगी सरकार (2017-अब तक) में 210 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए हैं।
योगी सरकार में एनकाउंटर के आंकड़े
सीएम योगी के पहले कार्यकाल में 117 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए।
यूपी देश का दूसरा ऐसा राज्य था, जहां सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुए।
राजस्थान में 8, मध्य प्रदेश में 13, बिहार में 22 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए।
उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर की विवादित कहानी जारी है। विपक्ष के आरोपों के बीच योगी सरकार अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।

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