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फतेहपुर सीकरी में दलित छात्रों के साथ मारपीट, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
आगरा के फतेहपुर सीकरी में कल दलित छात्रों के साथ मारपीट और जातिगत अपमान का मामला सामने आया था। यह घटना उंदेरा गांव के निकट फतेहपुर सीकरी स्थित एक स्कूल में हुई थी।
मंगलवार सुबह लगभग सात बजे जब दलित बच्चे स्कूल जा रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें रोककर जाति सूचक शब्दों का उपयोग किया और मारपीट की। इस घटना में एक छात्र अखिलेश गंभीर रूप से घायल हुआ।
पीड़ित परिवार थाने पर पहुंचा, लेकिन थाना पुलिस ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार सुबह से शाम तक थाने पर भटकता रहा, लेकिन थाना प्रभारी ने उनकी फरियाद नहीं सुनी।
My News Network पर समाचार चलने के बाद पुलिस हरकत में आई और देर रात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पांच आरोपियों - उल्फो, भुल्लू, सिंधी और दो अन्य के खिलाफ मारपीट, झगड़ा और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
घायल छात्र अखिलेश को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रेफर किया गया। इस मामले में थाना प्रभारी की लापरवाही भी उजागर हुई। उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस ने कार्रवाई की।

फतेहपुर सीकरी में दलित बच्चों पर दबंगों का कहर, स्कूल जाते समय गाड़ी से खींचकर मारपीट
आगरा के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के गांव उंदेरा में दबंगों ने दलित बच्चों पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें स्कूल जाते समय गाड़ी से खींचकर मारपीट की।
पीड़ित बच्चों में अखिलेश, तोषी, खुशबू, तृषा, अंशुल, आशीष और विनीत शामिल हैं। दबंगों ने बच्चों को धमकी देकर भाग निकले।
पुलिस ने पीड़ित परिवार को थाने पर घंटों तक बिठाए रखा और जनप्रतिनिधि के दबाव में मजमून चिट्ठी नहीं दी। पुलिस ने परिवार पर राजीनामे का दबाव बनाया और शांति भंग की कार्रवाई में पाबंद कर जेल भेजने की धमकी दी।
आगरा कमिश्नरेट में दबंगों द्वारा दलितों के साथ की गई घटना कोई पहला प्रकरण नहीं है। प्रदेश के मुखिया अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा करते हैं, लेकिन पुलिस द्वारा गंभीर प्रकरणों को नजरंदाज किया जा रहा है।
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