विजय सामा के आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन अध्यक्ष चुने जाने पर विवाद
आगरा शू फैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बयान जारी कर कहा कि चुनाव को अवैध कहते हुए कहा कि मुझे बैठक की सूचना नही गई।
यह मैसेज भेज कर बैठक बुलाई गई जिसकी सूचना मुझे भी नहीं दी गई। इसमें बैठक बुलाने वाले श्री प्रदीप सरीन फैडरेशन की बैठक बुलाने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इस बैठक में विजय सामा गुट के चंद फैडरेशन सदस्य, कुछ फुटवियर कारोबार करने वाले जो फैडरेशन के सदस्य नहीं हैं व रा मटेरियल व सोल कारोबार करने वाले शामिल हुए जिनका फैडरेशन के चुनाव से कोई लेना देना नहीं है। ऐसी बैठक को फैडरेशन की बैठक नहीं कहा जा सकता।
दिनांक 11/7/2024 को मेरी अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में जिसमें खुद विजय सामा अपने गुट के कुछ सदस्यों के साथ उपस्थित थे मैंने फैडरेशन के नियमानुसार अध्यक्ष के चुनाव कराने के लिए एक चुनाव अधिकारी व दो उनके सहयोगीयों की घोषणा कर दी। मैंने उसी दिन दिनांक 31/3/2024 की आडिटेड बैलेंस शीट व आय व्यय लेखे भी प्रस्तुत किए थे।
उसके बाद प्रदीप सरीन जी ने दिनांक 15/7/2024 को सर्वश्री अनिल लाल (बिमल शूज), गुन्नी भाई नरेन्द्र कश्यप, राज कुमार पुरसनानी, दिलीप खूबचंदानी को अपनी दुकान संजय प्लेस में बुलाकर श्री विजय सामा को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने की बात की। वहां विजय सामा व उसके अन्य दो सहयोगी भी उपस्थित थे। हमारे फैडरेशन के चारों सम्मानित सदस्यगण ने श्री प्रदीप सरीन की पेशकश स्वीकार कर ली व मैंने 17/7/2024 को श्री विजय सामा को कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत कर दिया।
उसके बाद विजय सामा गुट ने षडयंत्र करके दिनांक 26/7/2024 को फुटवियर ट्रेडर्स एंड रा मटेरियल suppliers की एक बैठक प्रदीप सरीन के द्वारा सूचना जारी कराकर फैडरेशन कार्यालय में बुला ली लेकिन मुझे व फैडरेशन के प्रमुख पदाधिकारीगण व सदस्यगण को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। सिर्फ सामा गुट, raw materials sellers ,sole sellers की एक कामन gathering करके विजय सामा को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया।
आप सहमत होंगे कि unauthorised प्रदीप सरीन के द्वारा बुलाई गई उपरोक्त बैठक को फैडरेशन की बैठक नहीं कहा जा सकता। जिसमें फैडरेशन के 350 सदस्यगण में से मात्र लगभग 20-25
सदस्यगण ही उपस्थित थे बाकी लोगों का फैडरेशन के चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
फैडरेशन के नियमानुसार फैडरेशन अध्यक्ष का चुनाव विधिवत घोषित चुनाव कार्यक्रम अनुसार किया जाता है जिसमें नामांकन पत्र को दाखिल करने की तिथि, नामांकन पत्र जांच की तिथि, नाम वापसी की तिथि व सदस्यगण द्वारा मत का प्रयोग कर चुनाव कराने की प्रक्रिया चुनाव अधिकारीगण द्वारा घोषित की जाती है जो कि अभी तक घोषित नहीं हुई है। ऐसी हालत में श्री विजय सामा का स्वंयभू अध्यक्ष घोषित किया जाना फैडरेशन के नियमानुसार अवैध है।
गागन दास रामानी
अध्यक्ष
आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन

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